मोदी सरकार ने केन्द्रीय कर्मचारियों के ये 8 एडवांस किए गए बंद, फिजूलखर्ची पर लगाम लगाने के लिए उठाया ये अहम कदम
Recommended Video

नई दिल्ली। सरकार ने केन्द्रीय कर्मचारियों को मिलने वाले कई तरह के एडवांस को अब बंद कर दिया है। इसके पीछे सरकार का उद्देश्य है कि फिजूलखर्जी पर रोक लगाई जा सके। आपको बता दें कि अभी तक केन्द्रीय कर्मचारियों को उनके पद और वेतन के अनुसार कई मदों में ब्याज मुक्त राशि दी जाती थी। इस राशि को वे आसान किश्तों में कटवा लिया करते थे और उन पैसों से अपना कोई जरूरी काम निपटा लिया करते थे। लेकिन अब मोदी सरकार ने केन्द्रीय कर्मचारियों के ऐसे कई तरह के एडवांस को बंद कर दिया है। सरकार ने खासकर उन एडवांस को बंद किया, जो सरकार को फिजूलखर्ची वाले लगते थे।

ये 8 एडवांस किए गए बंद
सरकार ने कुल 8 तरह के एडवांस को बंद किया है। इसमें साइकिल खरीदने, गरम कपड़े खरीदने, तबादला होने पर एडवांस पैसे देने, किसी त्योहार पर एडवांस पैसे देने, बची हुए छुट्टियों के बदले एडवांस पैसे देने जैसे एडवांस शामिल हैं। इतना ही नहीं, सरकार ने उस एडवांस को भी बंद कर दिया है जो केन्द्रीय कर्मचारी किसी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में लेते थे।

इन एडवांस पर चली सरकार की कैंची
आजादी से पहले तक हर केन्द्रीय कर्मचारी को किसी कानूनी कार्यवाही के लिए भी एडवांस पैसे मिलते थे, जो आजादी के बाद भी केन्द्रीय कर्मचारियों को दिया जाना जारी था। इसे भी सरकार ने बंद कर दिया है। इसी तरह पत्राचार से हिंदी का प्रशिक्षण लेने के लिए भी अभी तक एडवांस पैसे मिलते थे, जिन्हें अब बंद कर दिया गया है।

मिलते रहेंगे ये भत्ते
वेतन आयोग की तरफ से की भत्तों को बंद करने की सिफारिश की गई थी, लेकिन बावजूद इसके ब्रेकडाउन एलाउंस, कैश हैंडलिंग, कोल पायलट एलाउंस, साइकिल एलाउंस, फ्यूनरल, ऑपरेशन थियेटर, रिस्क एलाउंस, स्पेस टेक्नोलॉजी एलाउंस, ट्रेजरी एलाउंस जैसे भत्तों को सरकार ने जारी रखा है। हालांकि, वेतन आयोग की सिफारिश के बाद करीब 2 दर्जन भत्तों को खत्म कर दिया गया है।












Click it and Unblock the Notifications