वित्त मंत्री सीतारमण बोलीं-Petrol-Diesel को GST में लाने का कोई प्रस्ताव नहीं
नई दिल्ली। पेट्रोल-डीजल की आसमान छूती कीमतों के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को बताया कि माल और सेवा कर (जीएसटी) के तहत कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल, जेट ईंधन और प्राकृतिक गैस को लाने का अभी कोई प्रस्ताव नहीं है। वहीं वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, जहां तक पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाने का सवाल है, इस विषय को जीएसटी की शुरूआत के समय खुला रखा गया था।
Recommended Video

सोमवार को लोक सभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में सीतारमण ने कहा कि जीएसटी कानून के मुताबिक जीएसटी काउंसिल इस संबंध में फैसला करेगी। जीसएटी काउंसिल में राज्यों के भी प्रतिनिधि हैं। अभी तक काउंसिल ने इन वस्तुओं पर जीएसटी लगाने का कोई प्रस्ताव नहीं रखा है। उन्होंने कहा कि सही समय आने पर सभी प्रकार के राजस्व पर होने वाले असर को ध्यान में रखते हुए काउंसिल इन वस्तुओं को जीएसटी में लाने पर विचार कर सकती है।
अनुपूरक सवालों जवाब देते हुए वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि केंद्र और राज्यों को डीजल और पेट्रोल के दाम करने के लिए मिलकर काम करना होगा। उन्होंने राज्य सरकारों से कहा कि वे पेट्रो उत्पादों पर टैक्स कम करें उसके बाद केंद्र इस मुद्दे पर फैसला करेगा। ठाकुर ने कहा कि एक साल पहले पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 19.98 रुपये प्रति लीटर था और अब 32.9 रुपये है। इसी तरह डीजल पर उत्पाद शुल्क 15.83 रुपये से बढ़ाकर 31.8 रुपये कर दिया गया है।
बता दें 1 जुलाई, 2017 को जब जीएसटी लागू किया गया था, तो कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस, पेट्रोल, डीजल और विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया था। केंद्र सरकार उन पर उत्पाद शुल्क लगाती रही, जबकि राज्य सरकारें वैट वसूलती हैं। गौरतलब है कि कई विशेषज्ञों के मुताबिक अगर पेट्रोल-डीजल जीएसटी के दायरे में आते तो इनके दाम बेहद कम हो जाते।












Click it and Unblock the Notifications