सरेंडर करने का ख्वाहिशमंद था ISIS का ट्विटर ऑपरेटर मेहदी!
बेंगलुरु। आईएसआईएस के ट्विटर हैंडल @shammiwitness को ऑपरेट करने वाले पश्चिम बंगाल के मेहदी मसरूर बिस्वास के बारें में कई तरह की जानकारियां शनिवार को बेंगलुरु पुलिस की ओर से दी गई।

वहीं यह बात भी सच है कि एजेंसियों के लिए इस बात का पता लगाना ज्यादा मुश्किल नहीं था। एजेंसियों की ओर से शुक्रवार को रात भर मेहदी से पूछताछ की गई। इंटलीजेंस टीम के साथ बेंगलुरु पुलिस भी इस पूछताछ में शामिल थी।
बड़ी कंपनी में काम करता मेहदी
जैसे ही इस ट्विटर हैंडल के बारे में जानकारियां सामने आनी शुरू हुईं, एजेंसियां सतर्क हो गईं और ज्यादा से ज्यादा सूचनाएं इकट्ठा करने में जुट गई। शुरुआती जांच में एजेंसियों को खबर मिल चुकी थी कि मेहदी नॉर्थ बेंगलुरु के किसी इलाके में एक अपार्टमेंट में रहता है।
वह वर्ष 2012 से बेंगलुरु में काम कर रहा है और एक बड़ी कंपनी के साथ जुड़ा हुआ था। देश के हर बड़े शहर में पांच सितारा होटलों की चेन चलाने वाली इस कंपनी के साथ मेहदी बतौर एग्जिक्यूटिव जुड़ा था।
कंपनी की ओर से भी इस बात की पुष्टि की गई है कि वह करीब दो वर्षों से उनके साथ जुड़ा हुआ था। इस खबर के सामने आने के तीन दिन पहले ही उसकी मां उससे मिलकर गई थीं।
एजेंसियों की ओर से उसके पिता से भी कई सवाल किए गए जो इस समय कोलकाता में हैं। उसके वोटर आईडी कार्ड से पता लगा कि उसकी उम्र 25 वर्ष है और वह वास्तविकता में पश्चिम बंगाल के 24 परगना के गोपालपुर का रहने वाला है।
उसके सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स को फिलहाल सस्पेंड कर दिया गया है लेकिन इन सभी अकाउंट से इस बात की जानकारी मिली कि उसका असली नाम मेहदी मसरूर है।
उसने अपने एक दोस्त से @shammiwitness इस अकाउंट के बारे में जिक्र किया था। यह बात उसने अपनी फेसबुक प्रोफाइल के जरिए बताई थी जहां पर उसने अपनी फोटोग्राफ अपलोड की हुई थी।
डर था कि मार दिया जाएगा
जैसे ही यह खबर आनी शुरू हुई, मेहदी ने खुद को सरेंडर करने की इच्छा जताई। उसने ब्रिटेन के चैनल 4 को सबसे पहले इस बारे में जानकारी दी लेकिन साथ ही उसने इस बात को भी जोरदार तरीके से रखा कि वह सिर्फ सरेंडर करना चाहता है और यह नहीं चाहता कि उसे मार दिया जाए।
उसने अप्रत्यक्ष तौर पर यह बात भी एजेंसियों को बताई कि उसके पास कोई भी हथियार नहीं है और साथ ही उसने एजेंसियों से गुहार लगाई कि उसे एनकाउंटर में मारा न जाए।
उसने यह कहकर अपना पक्ष मजबूत करने की कोशिश की कि वह आईएसआईएस के बारे में ट्वीट जरूर करता था लेकिन उसका इस संगठन के साथ कोई भी संबंध नहीं है।
हालांकि वह एजेंसियों के सामने दावा करता रहा कि उसका ट्विटर हैंडल हैक हुआ और आईएसआईएस के ट्विटर हैंडल से उसका कोई सरोकार नहीं है।
मेहदी की बातों में नहीं आईं एजेंसियां
उसने पहली बार यह कहा कि वह किसी भी तरह से आईएसआईएस से संबधित नहीं है तो वहीं दूसरी बार में उसने पुलिस को बताया कि उसका अकाउंट हैक हो चुका है। आईएसआईएस के साथ उसके जुड़ाव के बारे में उससे कई तरह के सवाल किए गए थे। उससे पूछा गया कि वह इस हैंडल को क्यों ऑपरेट कर रहा था।
मेहदी लगातार इस बात से इंकार करता रहा कि वह इस तरह के किसी अकाउंट को ऑपरेट भी कर रहा था और उसने तो यहां तक कह डाला कि @ElSaltador यह ट्विटर हैंडल भी उसका है।
साथ ही उसने [email protected] इस मेल आईडी का प्रयोग अपना फेसबुक अकाउंट क्रिएट करने के लिए किया। एजेंसियों को उसकी इस बात पर जरा भी यकीन नहीं हो रहा था कि उसका अकाउंट हैक किया गया है।
उसका फेसबुक अकाउंट मेहदी मसरूस बिस्वास इस आईडी से ऑपरेट हो रहा था और यह बिल्कुल भी फेक अकाउंट नहीं था। जैसे ही उसके अकाउंट की फोटोग्राफ ऑनलाइन शुरू हुई, उसने अपने इस अकाउंट को बंद करने का फैसला कर लिया।
@ElSaltador यह उसका प्राथमिक अकाउंट था। यह वही हैंडल है जो उसके ब्लॉग shamiwitness.blogspot.com पर नजर आता। जैसे ही कोई इस ब्लॉग पर क्लिक करता ऑटोमेटिकली उसके ट्विटर हैंडल @shamiwitness पर चला जाता था। मेहदी ने यह दावा भी किया था कि [email protected] का ही प्रयोग अपने इस अकाउंट को बनाने के लिए किया था।












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