टेरर फंडिंग: 10 दिन की NIA कस्टडी में भेजे गए अलगाववादी नेता आंद्राबी, शब्बीर शाह और मसरत
नई दिल्ली। अलगाववादी नेता मसरत आलम भट्ट को मंगलवार को एनआईए कोर्ट में पेश किया गया। जांच एजेंसी एनआईए ने कोर्ट के सामने कहा था कि कश्मीर घाटी में पत्थरबाजी के मामलों में अलगाववादी नेताओं आसिया आंद्राबी, शब्बीर शाह और मसरत आलम भट्ट से पूछताछ जरूरी है। कोर्ट ने तीनों की पत्थरबाजी के मामले में गिरफ्तारी की इजाजत दे दी। एनआईए को कोर्ट से तीनों की 10 दिनों की कस्टडी मिल गई है। जांच एजेंसी ने इस मामले में तीनों आरोपियों की 15 दिनों की कस्टडी की मांग की थी।

जांच एजेंसी तीनों आरोपियों से पत्थरबाजी की फंडिंग और उसके पूरे सिस्टम के बारे में जानकारी हासिल करना चाहती है। बता दें कि मसरत आलम के खिलाफ कई गंभीर चल रहे हैं। साल 2008 और 2010 में घाटी में सुरक्षा बलों के खिलाफ पथराव की सिलसिलेवार घटनाओं की अगुवाई मसरत आलम ने ही की थी।
अधिकारियों के अनुसार, एनआईए और ईडी ने आसिया और शब्बीर के बीच आतंकी फंडिंग मामले में लिंक तलाशे हैं। फिलहाल, दोनों तिहाड़ जेल में हैं। जबकि मसरत आलम को पेशी के लिए आज ही एनआईए कोर्ट लाया गया था। एनआईए ने 30 मई 2017 को हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के अज्ञाक सदस्यों समेत अलगाववादियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।
तीनों आरोपियों से पूछताछ करने की जांच एजेंसी को मिली इजाजत
इनके खिलाफ खिलाफ हिज्ब, दुख्तरान-ए-मिल्लत और लश्कर जैसे पेशेवरों के संगठनों के आतंकवादियों के साथ संबंध रखने का आरोप था। कोर्ट के आदेश के बाद अब तीनों से इस मामले में पूछताछ की जा सकेगी। टेरर फंडिंग मामले में एनआईए की टीम ने अलगाववादी नेता यासीन मलिक, शब्बीर शाह, मीरवाइज उमर फारूक, अशरफ खान, मशर्रत आलम, जफर अकबर भट और नसीम गिलानी के घरों और दफ्तरों पर छापे मारे।












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