तेलंगाना चुनाव: राजगोपाल के कांग्रेस में शामिल होने से भाजपा की बढ़ी मुश्किल
तेलंगाना विधानसभा चुनाव को अब महज एक माह बाकी है वहीं राज्य में भारतीय जनता पार्टी की समस्याएं कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। पूर्व सांसद कोमाटिरेड्डी राजगोपाल रेड्डी के भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल होना पार्टी के लिए बड़ा सिरदर्द बन गया है।
राजगोपाल के भाजपा छोड़ देने के बाद अब आगामी विधानसभा चुनाव के लिए मुनुगोडे निर्वाचन क्षेत्र के लिए अब पार्टी को नया उपयुक्त उम्मीदवार ढूढ़ना पड़ा रहा है। हालांकि मुनुगोडे के इस निर्वाचन क्षेत्र में स्थानीय नेता है, जिसको भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व जोखिम वाले क्षेत्र से चुनाव लड़वाने के लिए सोच सकती है।

शिक्षाविद् भाजपा नेता जी मनोहर रेड्डी जो तेलंगाना उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रह हैं वो पिछले दो दशक से मुनुगोडे से चुनाव लड़ रहे हैं और 2014 के चुनाव में 16 प्रतिशत वोट शेयर हासिल किए थे, तब उन्हें 27,434 वोट मिले थे वहीं 2018 के चुनाव में जी मनोहर रेड्डी को 12,725 वोट मिले और 2009 में 9,185 वोट हासिल हुए थे।इसके अलावा भाजपा अपने दूसरी और अंतिम उम्मीदवारों की सूची में अन्य कई नेताओं को शामिल कर उन्हें चुनाव मेैदान में उतारने की तैयारी कर रही है।
इन नेताओं में भाजपा के राज्य प्रवक्ता एवं राज्य सचिव एस प्रकाश रेड्डी जो एक आर्युवेदिक डॉक्टर है।
मुनुगोडे के मूल निवासी एस प्रकाश रेड्डी टीवी पर चुनावी बहस में अक्सर हिस्सा लेने हैं इसके लिए वो पॉपुलर चेहरा है। इकसे अलावा रेड्डी भाजपा के उस वर्ग के नेता है, जो बदले में कुछ की उम्मीद किए बिना भाजपा के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं।
मनोहर रेड्डी और प्रकाश रेड्डी, जो कॉलेज राजनीति में सक्रिय रहे और आरएसएस में सक्रिय रहे हैं। इसके अलावा विश्वविद्यालय में एबीबी की स्थापना में अहम भूमिका निभाएं हैं। इनके अलावा मुनुगोड कांग्रेस नेता चेलामल्ला कृष्ण रेड्डी का है, जिन्हें पिछले साल मुनुगोड उपचुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार पलवई श्रावंती के सामने झुकना पड़ा था।
मुनुगोडे में तेजी से बदलते राजनीतिक समीकरणों को लेकर भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व काफी अलर्ट है।
बता दें केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक के बाद 1 नवंबर के बाद तेलंगाना विधान चुनाव के लिए भाजपा अपनी दूसरी और अंतिम उम्मीदवारों की सूची जारी कर सकती है।












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