तरुण तेजपाल ने सैन्य अधिकारियों को की थी कॉलगर्ल सप्लाई

हालांकि ये बात उस वक्त भी सामने आई थी और तरुण के गिरफ्तारी की बात की गई थी। तहलका ने स्टिंग ऑपरेशन के दौरान छुपे हुए कैमरों का इस्तेमाल किया था। स्टिंग के दौरान सेक्स एक्ट की भी रिकॉर्डिग की गई थी। उस वक्त टेप सेना की कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी और वेंकटस्वामी कमीशन को सौंपे गए थे। तहलका ने उन सीक्रेट वीडियो टेप्स को प्रसारित किया था जिनमें नेताओं, नौकरशाहों और सैन्य अधिकारियों को रिपोर्टरों के हाथों घूस लेते हुए दिखाया गया था। ये रिपोर्टर आर्म्स एजेंट बनकर डील करने गए थे।
डिफेंस अधिकारियों को सेक्स वर्कर सप्लाई करने का खुलासा उस वक्त हुआ था जब संसद चल रही थी और यूटीआई संकट, कश्मीर में हिंसा और आर्थिक मंदी को लेकर सरकार घिरी हुई थी। उस वक्त तहलका के सीईओ तरूण तेजपाल ने सेना के अधिकारियों को सेक्स वर्कर सप्लाई करने की पुष्टि करते हुए एक वेबसाइट को बताया था कि हमने पब्लिक को टेप्स नहीं दिखाए थे लेकिन हमने उनको छिपाया भी नहीं। हम इसे दबाना नहीं चाहते। हमारी बॉटम लाइन यह थी कि हम उच्च स्तर पर होने वाले भ्रष्टाचार को उजागर करना चाहते हैं।
तेजपाल ने बताया था कि 13 मार्च 2001 को मीडिया को वीडियो टेप्स दिखाए गए थे। उस दौरान कुछ सेक्स एक्ट को भी दिखाया गया था। दिल्ली के एक लग्जरी होटल में सेना के एक अधिकारी को सेक्स वर्कर के साथ सेक्स करते हुए दिखाने के लिए सीक्रेट कैमरे लगाए गए थे। जब दो वैश्याएं होटल के रूम में पहुंची तो तहलका के प्रतिनिधी वहां से चले गए। इसके कुछ देर बाद एक डिफेंस ऑफिशियल और सेक्स वर्कर भी रूम छोड़कर चले गए। अन्य अधिकारी सेक्स वर्कर के साथ रूका रहा। रूम में लगाए गए सीक्रेट कैमरे में दोनों को सेक्स करते हुए फिल्माया गया। नवंबर में तहलका के रिपोर्टर तीसरे अधिकारी और सेक्स वर्कर के साथ होटल में आए। उस वक्त अधिकारी ने यह कहते हुए सेक्स करने से मना कर दिया था कि वह इसके लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं है।












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