चेन्नई: दलित छात्रा की आत्महत्या को लेकर प्रदर्शन तेज, NEET वापस लेने की मांग
चेन्नई (तमिलनाडु)। तमिलनाडु में दलित छात्रा अनीता की आत्महत्या का मुद्दा गरमा गया है। इस मुद्दे पर कई छात्र संगठन सड़क पर उतरे हैं। प्रदर्शन कर रहे छात्र संगठनों ने मांग की है कि NEET परीक्षा को वापस लिया जाना चाहिए। प्रदर्शन कर रहे छात्रों के मुताबिक दलित छात्रा अनीता ने NEET परीक्षा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील किया था। इसी की वजह से अनीता ने आत्महत्या की है। ऐसे में NEET परीक्षा को वापस लिया जाना चाहिए।

चेन्नई की सड़कों पर छात्र संगठनों का प्रदर्शन
मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के लिए होने वाली NEET परीक्षा का विरोध लगातार चेन्नई में छात्रों की ओर से किया जाता रहा है। दलित छात्रा अनीता ने इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में अपील भी की थी। अनीता ने 12वीं कक्षा में 98 फीसदी अंक हासिल किया था। उसने 1200 में से 1176 अंक हासिल किए थे। हालांकि NEET में सीबीएसई पाठ्यक्रम पर आधार पर परीक्षा ली जाती है, लेकिन अनीता ने स्टेट बोर्ड से परीक्षा दी थी। अनीता के परिजनों के मुताबिक वह डॉक्टर बनना चाहती थी लेकिन NEET परीक्षा के चलते वह काफी डिप्रेशन में थी। जिसकी वजह से उसने आत्महत्या कर ली।
वहीं अनीता की आत्महत्या के बाद चेन्नई में अलग-अलग संगठनों के छात्र सड़क पर उतरे हैं। गुस्साए छात्रों ने अनीता की मौत के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए NEET की परीक्षा को वापस लेने की मांग की है। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के सदस्यों ने चेन्नई की सड़कों पर प्रदर्शन किया। माउंट रोड पर लेटकर ये छात्र प्रदर्शन करते नजर आए। वहीं रिवोल्यूशनरी स्टूडेंट्स और यूथ फ्रंट संगठन के सदस्यों ने भी अनीता की आत्महत्या के खिलाफ प्रदर्शन किया। कुछ प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया। फिलहाल दलित छात्रा अनीता की आत्महत्या के बाद प्रदर्शन का दौर जारी है।












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