Tamil Nadu Stampede: विजय की रैली में हुई भगदड़ ने PK को कर दिया फिक्रमंद, क्या है करूर और पटना का कनेक्शन?
Tamil Nadu Stampede: तमिलनाडु की राजनीति में शनिवार की देर शाम हड़कंप मच गया। एक्टर विजय जिन्हें अक्सर थलापति कहा जाता है की रैली में हुई भगदड़ में 36 लोगों की मौत और 80 के घायल होने की खबर है। इस रैली में हुई भगदड़ का असर दूर पटना में चुनावी तैयारियों में व्यस्त प्रशांत किशोर पर भी पड़ना तय है। तमिलनाडु की राजनीति का बिहार पर सीधे तौर पर कोई असर नहीं है, लेकिन पीके की नींद जरूर उड़ सकती हैं। रैली में भारी भीड़ और भगदड़ को लेकर आयोजकों के साथ ही पुलिस की नाकामी पर भी सवाल उठ रहे हैं।
इस भगदड़ ने न सिर्फ विजय की छवि को झटका दिया है, बल्कि चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (PK) के लिए भी सिर दर्द बन गया है। प्रशांत किशोर ही विजय की पार्टी टीवीके (TVK) की चुनावी रणनीति बनाने का काम कर रहे हैं। पीके ने विजय को प्रदेश की राजनीति में बदलाव की आंधी लाने वाला भी कहा था। देखना है कि इस हादसे के बाद विजय अपनी चुनावी रणनीति को कैसे आगे बढ़ाते हैं।

Tamil Nadu Stampede से पड़ेगा विजय के करियर पर असर
इस भगदड़ ने न सिर्फ विजय की छवि को झटका दिया है। घटना के बाद उन्होंने बयान जारी कर कहा है कि इस दर्दनाक हादसे से उनका दिल टूट गया है। पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़े हैं और उनकी हर मुमकिन मदद करेंगे। हालांकि, रैली में हुई अव्यवस्था का सीधा असर न सिर्फ विजय, बल्कि प्रशांत किशोर की रणनीति और उनकी क्रेडिबिलिटी पर भी पड़ सकता है। बीजेपी ने रैली में भगदड़ के लिए सीधे तौर पर प्रदेश की सरकार और पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
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Prashant Kishor के लिए भी बढ़ गई चुनौतियां
विजय ने हाल ही में राजनीति में एंट्री की है और उनकी पार्टी तेजी से पॉपुलर हो रही है। पार्टी की रणनीति, सीट बंटवारा, ग्राउंड कनेक्ट और कैंपेन मैनेजमेंट का जिम्मा प्रशांत किशोर की टीम के पास है। उम्मीद की जा रही थी कि विजय की करिश्माई छवि और PK की प्लानिंग मिलकर तमिलनाडु की राजनीति में नया समीकरण बनाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, इस रैली में हुई भगदड़ से जनता में असंतोष और नाराजगी बढ़ सकती है। विपक्षी पार्टियां इसे लापरवाही बताकर विजय और PK दोनों पर निशाना साध सकती हैं। अब विजय और प्रशांत किशोर दोनों के लिए फिर से ऐसी रणनीति बनाने की चुनौती है जो जनता से सीधे कनेक्ट कर सके।
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चुनाव से पहले इस तरह की घटनाएं प्रशांत किशोर की टीम की इमेज को नुकसान पहुंचा सकती हैं। सुपरस्टार इमेज होने के बावजूद इस हादसे से उनकी पब्लिक रैली की सुरक्षा पर सवाल उठे हैं। तमिलनाडु की राजनीति में विजय की एंट्री जहां पहले से ही सुर्खियों में थी। वहीं इस हादसे ने समीकरण को और उलझा दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि प्रशांत किशोर इस संकट को मैनेज करके विजय की छवि को कैसे बचाते हैं।












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