एक्टर थलापति विजय की जाति क्या हैं? तमिलनाडु चुनाव से पहले राजनीति में एंट्री क्यों हैं DMK के लिए खतरा
Thalapathy Vijay Caste: तमिल सिनेमा के सुपरस्टार और तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) प्रमुख थलापति विजय के नेतृत्व में (27 सितंबर 2025) शनिवार को करूर में एक विशाल रैली आयोजित की गई, जिसमें हजारों की संख्या में लोग जुटे। ये रैली उस समय मातम में बदल गई जब अचानक भगदड़ मच गई। इस भगदड़ में 39 लोगों की मौत हो गई और 50 से अधिक लोग घायल हो गए।
इस घटना के बाद तमिल एक्टर तमिलनाडु की डीएमके सरकार और अन्य विपक्षी पार्टियों के निशाने पर आ चुके हैं। सत्तारूढ़ स्टालिन के नेता एक्टर विजय पर लगातार हमले कर रहे हैं और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। जानिए आखिर थलपति विजय किसी समुदाय से ताल्लुक रखते हैं, जिनकी इतनी बड़ी फैन फॉलोइंग है? साथ ही जानिए तमिलनाडु चुनाव से पहले राजनीति में एंट्री कर विजय सत्तारूढ़ डीएमके और अन्य प्रतिद्वंदी पार्टियों के लिए क्यों बड़ा खतरा बन चुके हैं?

विजय की कब हुई राजनीति में एंट्री?
गौरतलब है कि तमिल सिनेमा के सुपरस्टार थलापति विजय ने 2 फरवरी, 2024 को अपनी नई राजनीतिक पार्टी 'तमिझागा वेत्री कड़गम (TVK)' का औपचारिक रूप से अनावरण किया। इस घोषणा के साथ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य 2026 के विधानसभा चुनाव लड़ना है। जिसके बाद सीएम स्टालिन और उनकी पार्टी की चितांए बढ़ गई हैं।

खुश हुए सुपरस्टार विजय के फैंस
विजय ने राजनीति को एक पेशे के बजाय जनता की सेवा का माध्यम बताया, जिससे उनके फैंस में उत्साह की लहर दौड़ गई। पिछले काफी समय से उनके राजनीति में आने की अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि, वह तमिलनाडु के पहले ऐसे कलाकार नहीं हैं जो फिल्मी दुनिया से राजनीति में कदम रख रहे हैं; उनसे पहले एम.जी. रामचंद्रन और जयललिता जैसे दिग्गज भी इस क्षेत्र में सफल रहे हैं।
राजनीति एंट्री करते ही छा गए एक्टर
2026 में होने वाले चुनाव के लिए 3 सितंबर, 2025 से विजय ने अपनी पार्टी के लिए चुनाव प्रचार शुरू किया है। राज्य भर में रैलियां कर रहे जिसमें हजारों की संख्या में भीड़ उमड़ रही है। तभी से हर शनिवार को विजय जनसभाएं और रैलियां कर रहे हैं। 27 सितंबर (शनिवार) को भी इसी के तहत विजय ने सुबह नमक्कल जिले में और शाम को करूर में प्रचार किया। शाम को करूर रैली में ये दर्दनाक हादसा हुआ।
थलापति विजय की जाति क्या है?
थलापति विजय का जन्म एक ईसाई परिवार में हुआ था और वे तमिलनाडु के ईसाई वेल्लालर समुदाय से संबंध रखते हैं। उनके पिता, एस.ए. चंद्रशेखर, एक प्रसिद्ध तमिल फिल्म निर्देशक हैं, जबकि उनकी मां, शोबा चंद्रशेखर, एक गायिका हैं।
तमिलनाडु में कितनी है ईसाई आबादी?
भारत के दक्षिणी राज्य तमिलनाडु में 2011 की जनगणना के अनुसार, ईसाई आबादी लगभग 44 लाख (कुल आबादी का 6.12%) थी। इस ईसाई आबादी में से, 2.24 प्रतिशत लोग वेल्लालर समुदाय से थे।
विजय की एंट्री, क्यों DMK के लिए खतरे की घंटी है?
याद रहे सीएम स्टालिन भी ईसाई समुदाय से ताल्लुक रखते हैं और ईसाई समुदाय उनका बड़ा वोट बैंक हैं। इसलिए राजनीति में विजय की एंट्री सत्तारूढ़ डीएमके के लिए सबसे बड़ा खतरा मानी जा रही है।
विजय ने चुनाव से पहले कर दिया है ये बड़ा दावा
गौरतलब है कि विजय अपनी चुनावी रैलियों में सत्तारूढ़ डीएमके के अलावा AIADMK और भाजपा पर लगातार निशाना साध रहे हैं और उन्होंन दावा किया है कि 2026 के चुनावों में बदलाव जरूर होगा अपना आत्मविश्वास बनाए रखें।












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