आरुषि-हेमराज मर्डर मिस्ट्री: तलवार दंपत्ति पर क्यों उठे सवाल?
नयी दिल्ली। साढ़े पांच साल बीत जाने के बाद आरुषि तलवार और घर के नौकर हेमराज की हत्या से पर्दा उठने वाला है। सीबीआई की विशेष अदालत आज इस मर्डर मिस्ट्री पर अपना फैसला सुनाकर सारे कयासों से पर्दा उठा देगी।
2008 में हए इस दोहरे हत्याकांड मामले में फैसला आने में साढ़े पांच साल का वक्त लग गया। जो तलवार दंपति अपनी बेटी के लिए इंसाफ मांग रहे थे, उन्होंने कानून की बारीकियों का इस्तेमाल कर इस केस को लंबा खींचा। समय लगा क्योंकि तलवार दंपत्ति की कानून का सहारा लेकर मामले को एक अदालत से दूसरे अदालत में खींचते रहे। आइए आपको तस्वीरों की मदद से बताए कि किस तरह से मर्डर मिस्ट्री देश की सबसे बड़ी मर्डर मिस्ट्री बन गई और किस तरह से तलवार दंपत्ति पर शक की सुई घूमी।

घर में ना कोई आया ना कोई गया।
15 मई 2008 को नोएडा के जलवायु विहार के एम-32 में जहां आरुषि तलवार और उसके नौकर हेमराज की हत्या हुई उस घर में हत्या से पहले और हत्या के बाद ना तो कोई आया और ना ही कोई गया। ऐसे में घर में सिर्फ 4 लोग थे, जिसमें से 2 की हत्या हो गई, लेकिन तलवार दंपत्ति इससे पूरी तरह अंजान रहे।

पहले पुलिस को क्यों नहीं किया फोन?
पुलिस के मुताबिक आरुषि की हत्या की खबर सबसे पहले घर की नौकरानी को सुबह 6 बजे हुई, लेकिन तलवार दंपत्ति ने पुलिस को पौने 7 बजे फोन किया गया। पुलिस ने पहले तलवार ने अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को फोन किया।

क्यों बदले आरुषि के कपड़े?
आरुषि की हत्या करने के बाद उसके कपड़े और बेडशीट बदली गई। कमरे से खून के धब्बे साफ किए गए। अगर सिर्फ में दो ही लोग जिंदा बचे थे तो फिर खून के धब्बे किसने साफ किए और आरुषि के कपड़े किसने बदले?

नूपुर तलवार ने 1 मिनट में बदले 2 बयान
सुबह नौकरी के आने पर नूपुर तलवार ने 1 मिनट में ही 2 बार अपने बयान बदले। दरवाजा नहीं खोलने पर पहले उसने कहा कि हेमराज दरवाजा बाहर से बंद कर चला गया, लेकिव फौरन ही उसने कहा कि हेमराज आरुषि की हत्या कर भाग गया।

पुलिस को छत पर जाने से रोका
आरुषि की हत्या के बाद पुलिस के बार-बार छत पर जाने देने के लिए कहने के बावजूद भी तलवार दंपत्ति ने उन्हें छत पर जाने नहीं दिया। बार-बार चाबी गुम होने का बहाना बनाते रहे।

हेमराज की लाश को पहचानने से किया इंकार
तलवार दंपत्ति ने अगले दिन उनके घर के छत पर मिली नौकर हेमराज की लाश को पहचानने से इंकार कर दिया। क्या एक दिन में लाश इतनी खराब हो चुकी थी कि उसे पहनाना ना जा सके।

तलावर पर उठे सवाल
आरुषि और तलवार दंपत्ति के कमरे की दूरी 7-8 फीट की थी। बावजूद इसके दोनों ने आरुषि के कमरे में हो रही इन गतिविधियों को नहीं सुना।












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