'मंगलसूत्र उतारना पति के खिलाफ सबसे बड़ी मानसिक क्रूरता', HC को क्यों करनी पड़ी ऐसी टिप्पणी ?
चेन्नई, 15 जुलाई: मद्रास हाई कोर्ट ने पत्नी से तलाक मांगने वाले शख्स के पक्ष में फैसला सुनाया है, जिसकी एक बड़ी वजह ये रही कि उसकी पत्नी ने मंगलसूत्र उतार दिया था। अदालत ने पत्नी के इस कृत्य को पति के खिलाफ सबसे बड़ी मानसिक क्रूरता माना है। दरअसल, इस मामले में पति-पत्नी शादी के तीन साल बाद से ही अलग रह रहे थे। लेकिन, पति ने तलाक के लिए जब निचली अदालत का दरवाजा खटखटाया तो वह महिला के पक्ष में गया और उसके पति की तलाक वाली याचिका खारिज कर दी गई। लेकिन, मद्रास हाई कोर्ट ने जब तसल्ली से मामले को सुना तो पाया कि उस महिला का पति पिछले 11 वर्षों में मानसिक तौर पर कितना प्रताड़ित हो चुका है और उसने साफ कह दिया कि 'कोई भी हिंदू महिला पति के जीवित रहते मंगलसूत्र नहीं उतार सकती।'

मद्रास हाई कोर्ट ने पति की तलाक की अर्जी पर मुहर लगाई
पति से अलग रह रही पत्नी का 'थाली' (मंगलसूत्र) उतार देना पति के खिलाफ सबसे बड़ी मानसिक प्रताड़ना है, यह कहते हुए मद्रास हाई कोर्ट ने एक पीड़ित व्यक्ति के तलाक को मंजूरी दे दी है। मद्रास हाई कोर्ट के जस्टिस वीएम वेलुमणी और जस्टिस एस सोउंथर की खंडपीठ ने यह तब कहा जब वह हाल ही में तमिलनाडु के इरोड में एक मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर के तौर पर काम कर रहे सी शिवकुमार की तलाक की अर्जी पर पर सुनावई की। उन्होंने अदालत से स्थानीय फैमिली कोर्ट की ओर से 15 जून, 2016 को दिए गए उस आदेश को खारिज करने की मांग की थी, जिसमें उन्हें तलाक दिए जाने से इनकार कर दिया गया था।
Recommended Video

पत्नी ने मंगलसूत्र उतारने की बात कबूल की थी
जब उस महिला से पूछा गया तो उसने माना था कि जब वह अलग रह रही थी तो उसने अपने मंगलसूत्र का चेन हटाया था। उसने इसके बारे में विस्तार से यह बताया कि उसने थाली को अपने पास रखा था और सिर्फ चेन हटाई थी। जबकि इसे हटाए जाने का मतलब ही 'खास' हो जाता है। इस मामले में महिला के वकील ने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 7 का हवाला देते हुए अदालत में दलील दी कि मंगलसूत्र बांधना आवश्यक नहीं है, इसलिए पत्नी की ओर से हटा दिए जाने पर भी (अगर मान लिया जाए कि उसने ऐसा किया) तो भी उसका वैवाहिक बंधन पर कोई असर नहीं पड़ता।

'पति के जीते जी नहीं उतारा जाता मंगलसूत्र'
लेकिन, अदालत ने कहा कि दुनिया के इस हिस्से में यह सामान्य ज्ञान की बात है कि थाली बांधना वैवाहिक समारोह का एक आवश्यक अनुष्ठान है। अदालत ने हाई कोर्ट की खंडपीठों के आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि 'रिकॉर्ड में जो भी मटेरियल उपलब्ध हैं, यह भी देखा गया कि याचिकाकर्ता ने थाली हटा दिया और उन्होंने खुद माना है कि उन्होंने उसे बैंक लॉकर में रखा था। ये एक ज्ञात तथ्य था कि कोई भी हिंदू महिला अपने पति के जीते जी थाली नहीं हटाएगी। ' बेंच ने कहा, 'एक महिला के गले में थाली एक पवित्र चीज थी, जो वैवाहिक जीवन की निरंतरता का प्रतीक है और इसे पति की मौत के बाद ही उतारा जाता है।'

'मंगलसूत्र उतारना पति के खिलाफ सबसे बड़ी मानसिक क्रूरता'
अदालत ने साफ शब्दों में कहा, 'इसलिए इसे प्रतिवादी/पत्नी के द्वारा हटाया जाना ऐसा कृत्य कहा जा सकता है, जो बहुत बड़ी मानसिक प्रताड़ना की तरह है, क्योंकि इससे प्रतिवादी को पीड़ा हुई होगी और भावनाओं को धक्का लगा होगा।' हालांकि, अदालत ने ये भी कहा, 'हम ये नहीं कहते कि किसी समय थाली चेन उतारना ही वैवाहिक बंधन को खत्म करने के लिए पर्याप्त है, लेकिन प्रतिवादी (पत्नी) का यह कृत्य पक्ष के इरादों को लेकर साक्ष्य का एक टुकड़ा है। रिकॉर्ड पर मौजूद बाकी उपलब्ध साक्ष्यों के साथ दंपति के अलगाव के दौरान प्रतिवादी का थाली चेन उतारने वाला कृत्य हमें इस निश्चित निष्कर्ष पर पहुंचने को मजबूर करता है कि पार्टियों का सुलह करने और वैवाहिक गठबंधन जारी रखने का कोई इरादा नहीं है।'

पति पर विवाहेत्तर संबंध रखने के झूठे आरोप लगाने पर भी कोर्ट शख्स
बेंच ने कहा कि इसके अलावा पत्नी ने शख्स के खिलाफ उसके सहकर्मियों की मौजूदगी में और पुलिस के सामने भी उसकी (पति की) महिला सहयोगियों और स्टूडेंट्स के साथ विवाहेत्तर संबंधों के आरोप लगाए थे। अदालत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के फैसलों के आलोक में उन्हें यह मानने में कोई हिचकिचाहट नहीं है कि पत्नी ने पति के चरित्र पर संदेह करके और दूसरों की मौजूदगी में विवाहेत्तर संबंधों के झूठे आरोप लगाकर उसे मानसिक प्रताड़ना दी। अदालत ने ये भी कहा कि उन्होंने यही समझा है कि दोनों पति-पत्नी 2011 से ही अलग रह रहे हैं और ऐसे कोई सबूत उपलब्ध नहीं हैं कि पत्नी ने कभी सुलह करने की कोशिश की हो। अदालत ने कहा कि तथ्यों और केस की परिस्थितियां और पत्नी की ओर से पति को मानसिक प्रताड़ना को देखते हुए हम तलाक को मंजूर करते हुए वादी और प्रतिवादी की नवंबर, 2008 में हुई शादी पर पूर्ण विराम लगाना प्रस्तावित करते हैं। इस तरह से कोर्ट ने निचली अदालत का आदेश खारिज कर तलाक को मंजूरी दे दी है।
-
Delhi NCR Weather Today: दिल्ली-NCR में होगी झमाझम बारिश, दिन में छाएगा अंधेरा, गिरेगा तापमान -
युद्ध के बीच ईरान ने ट्रंप को भेजा ‘बेशकीमती तोहफा’, आखिर क्या है यह रहस्यमयी गिफ्ट -
Gold Silver Price: सोना 13% डाउन, चांदी 20% लुढ़की, मार्केट का हाल देख निवेशक परेशान -
Ram Navami Kya Band-Khula: UP में दो दिन की छुट्टी-4 दिन का लंबा वीकेंड? स्कूल-बैंक समेत क्या बंद-क्या खुला? -
इच्छामृत्यु के बाद हरीश राणा पंचतत्व में विलीन, पिता का भावुक संदेश और आखिरी Video देख नहीं रुकेंगे आंसू -
'मुझे 10 बार गलत जगह पर टच किया', Monalisa ने सनोज मिश्रा का खोला कच्चा-चिट्ठा, बोलीं-वो मेरी मौत चाहता है -
Petrol-Diesel Shortage: क्या भारत में पेट्रोल-डीजल समेत ईंधन की कमी है? IndianOil ने बताया चौंकाने वाला सच -
कौन हैं ये असम की नेता? जिनके नाम पर हैं 37 बैंक अकाउंट, 32 गाड़ियां, कुल संपत्ति की कीमत कर देगी हैरान -
Iran Vs America: ईरान ने ठुकराया पाकिस्तान का ऑफर, भारत का नाम लेकर दिखाया ऐसा आईना, शहबाज की हुई फजीहत -
LPG Crisis: एलपीजी संकट के बीच सरकार का सख्त फैसला, होटल-रेस्टोरेंट पर नया नियम लागू -
Trump Florida defeat: ईरान से जंग ट्रंप को पड़ी भारी, जिस सीट पर खुद वोट डाला, वहीं मिली सबसे करारी हार -
Who is Aryaman Birla Wife: RCB के नए चेयरमैन आर्यमन बिड़ला की पत्नी कौन है? Virat Kohli की टीम के बने बॉस












Click it and Unblock the Notifications