Pics:सर्जिकल स्ट्राइक के मेन लीड हीरो कमांडो मेजर रोहित सूरी को मिला कीर्ति चक्र
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने सर्जिकल स्ट्राइक के हीरो मेजर रोहित सूरी और नायब सूबेदार विजय कुमार को किया सम्मानित। सर्जिकल स्ट्राइक को लीड करने वाले मेजर सूरी को मिला है कीर्ति चक्र।
नई दिल्ली। पिछले दिनों राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने राष्ट्रपति भवन में सर्जिकल स्ट्राइक के दो हीरो मेजर रोहित सूरी और नायब सूबेदार विजय कुमार को सम्मानित किया। मेजर रोहित सूरी और नायब सूबेदार विजय कुमार को कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है।
गणतंत्र दिवस पर हुआ था ऐलान
इस वर्ष गणतंत्र दिवस पर मेजर सूरी को कीर्ति चक्र देने का ऐलान किया गया था। सोमवार को इन्हें एक कार्यक्रम में इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उरी आतंकी हमले के बाद जो सर्जिकल स्ट्राइक हुई थी उसमें ऑफिसर्स और जवान समेत 19 कमांडोज को गैलेंट्री पुरस्कार देने की घोषणा की गई थी। जहां मेजर सूरी को कीर्ति चक्र मिला तो वहीं पांच कमांडोज को शौर्य चक्र मिला तो 13 को सेना मेडल से पुरस्कृत किया गया।

क्यों हुई थी सर्जिकल स्ट्राइक
18 सितंबर 2016 के उरी आतंकी हमले के बाद इंडियन आर्मी ने पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था। 28-29 सितंबर को हुई इस सर्जिकल स्ट्राइक में करीब 30 आतंकी मारे गए थे। सेना ने इस सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम देने की तैयारियां 18 सितंबर को हुए आतंकी हमले के बाद से ही शुरू कर दी। उरी हमले के बाद से ही इसकी तैयारियां हो रही थीं कि पीओके में मौजूद आतंकी ढांचे को कैसे तबाह किया जाएगा।

क्या हुआ सर्जिकल स्ट्राइक में
29 सितंबर को इंडियन आर्मी के स्पेशल कमांडोज पाकिस्तान के हिस्से वाले कश्मीर के अंदर तक दाखिल हुए थे। इन कमांडोज ने आतंकवादियों के सात कैंप्स को तबाह कर दिया था। करीब 250 किलोमीटर के क्षेत्र में सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया गया था। इस सर्जिकल स्ट्राइक में पाकिस्तान मिलिट्री के भी कुछ स्थानों को तबाह कर दिया था। इस सर्जिकल स्ट्राइक में करीब 40 आतंवादियों को मारा गया था जो भारत में घुसपैठ की कोशिशों में लगे थे।

क्या किया था मेजर रोहित सूरी ने
मेजर सूरी ने रेकी को पूरा किया और फिर अपनी टीम को आदेश दिया कि वे आतंकियों को लॉन्चपैड में खुले में लाकर व्यस्त रखेंगे। इसके बाद मेजर सूरी और उनका सहायक टारगेट के 50 मीटर अंदर आए और उन्होंने दो आतंकवादियों का खात्मा किया।

अपनी जान की परवाह तक नहीं की
जब खुले मैदान में आतंकवादियों को मार गिराया गया तभी मेजर सूरी का ध्यान पास के जंगल में दो आतंकवादियों के मूवमेंट पर गया। यूएवी के जरिए भी आतंकवादियों मूवमेंट को ट्रैक किया जा रहा था। मेजर सूरी ने अपनी सुरक्षा को नजरअंदाज किया और आतंकवादियों का पता लगाकर उन्हें करीबी लड़ाई में व्यस्त किया और आखिरी में मेजर सूरी ने उनका खत्मा कर डाला।

कौन हैं मेजर सूरी
मेजर सूरी 4 पैरा के कमांडो हैं और उन्हें देश का दूसरा सबसे बड़ा शांति पुरस्कार मिला है। कीर्ति चक्र सेना का दूसरा सर्वोच्च सम्मान है जो उन सैनिकों को मिलता है जो किसी खास ऑपरेशन में बहादुरी का परिचय देते हैं। मेजर सूरी ने इस पूरी सर्जिकल स्ट्राइक को लीड किया था।












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