झटका: 2 साल की सजा पर सदस्यता खत्म होने के खिलाफ दायर याचिका खारिज, सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार
Supreme Court: दो साल की सज़ा पर संसद सदस्यता खत्म हो जाने के प्रावधान के खिलाफ दाखिल याचिका सुनने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया।

Supreme Court Hearing: दो साल की सजा पर संसद सदस्यता खत्म हो जाने के प्रावधान के खिलाफ दाखिल याचिका सुनने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया। जो एक आपराधिक मामले में दो साल की सजा के बाद संसद या राज्य विधानसभा से विधायकों की स्वत: अयोग्यता का प्रावधान करती है। केरल की रहने वाली आभा मुरलीधरन ने राहुल गांधी के मामले का हवाला देते हुए यह याचिका दाखिल की थी। CJI ने कहा- आप कौन हैं? क्या आपकी सदस्यता रद्द हुई है?
राहुल गांधी की गई थी सदस्यता
बता दें कि सूरत में एक निचली अदालत ने मोदी सरनेम मामले में अपमानजनक टिप्पणी के मामले में राहुल गांधी को दोषी मानते हुए 2 साल जेल की सजा सुनाई थी। जिसके बाद संसद ने उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया था। इस आदेश को राहुल गांधी ने गुजरात हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। जिसपर फिलहाल उन्हें राहत मिलती दिख नहीं रही है।
किस कानून के तहत गई राहुल गांधी का संसद सदस्यता?
राहुल गांधी की संसद सदस्यता लोक प्रतिनिधित्व कानून, 1951 के तहत रद्द की गई है। इस कानून की धारी 8(3) के मुताबिक, किसी जन प्रतिनिधि को किसी मामले में दो साल या इससे अधिक साल की सजा होती है तो उसकी सदस्यता रद्द हो जाएगी।
राहुल गांधी को फिलहाल नहीं मिली राहत
मोदी सरनेम मामले में राहुल गांधी की याचिका पर दो मई को सुनवाई हुई थी। सुनवाई के बाद गुजरात हाईकोर्ट ने राहुल गांधी को फिलहाल अंतरिम संरक्षण देने से इनकार कर दिया है। अब फैसला गर्मी छुट्टी के बाद यानी जून में आएगा। जस्टिस हेमंत प्रच्छक ने कहा कि सुनवाई लगभग पूरी हो गई है अब फैसला गर्मी की छुट्टी के बाद लिखा जाएगा।
क्यों हुई राहुल गांधी को सजा?
दरअसल 2019 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी (Rahul Gandhi) कांग्रेस के स्टार प्रचारक थे। उन्होंने कर्नाटक के कोलार में एक जनसभा की। उस दौरान उन्होंने कहा था कि 'इन सब चोरों के नाम मोदी-मोदी-मोदी कैसे हैं'? उनका इशारा नीरव और ललित मोदी पर था, लेकिन इस मुद्दे ने तूल पकड़ लिया।












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