फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह को सुप्रीम कोर्ट से भी झटका, अंतरिम जमानत याचिका खारिज

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपों का सामना कर रहे फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह की अंतरिम जमानत याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया।

नई दिल्ली, 17 मार्च। रेलिगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड (आरएफएल) में धन की कथित हेराफेरी से संबंधित एक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपों का सामना कर रहे फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह की अंतरिम जमानत याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया।

Shivinder Singh

सुप्रीम कोर्ट ने उन पर लगे गंभीर आरोपों और उनके विदेश भागने की संभावना को ध्यान में रखते हुए उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया। शिविंदर सिंह ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, जिसमें दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत देने से इंकार कर दिया था।

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आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सिंह ने अपने वकील गोपाल जैन के माध्यम से कहा कि अंतरिम जमानत याचिका मानवीय थी क्योंकि मेरे चाचा का निधन हो गया और मेरी मां को दिल का दौरा पड़ा। इस पर सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एमआर शाह ने कहा कि पिछली बार किसी की मौत होने पर आपने जमानत ले ली थी। बता दें कि शिवेंदर सिंह को 2,397 करोड़ रुपए की हेराफेरी के मामले में आरोपी बनाया गया है।

शिविंदर सिंह और उनके बड़े भाई मालविंदर मोहन सिंह जो रैनबैक्सी, फोर्टिस, रेलिगेयर एंटरप्राइजेज के पूर्व प्रमोटर हैं, को अक्टूबर 2019 में आर्थिक अपराध शाखा ने रेलिगेयर एंटरप्राइजेज की सहायक कंपनी रेलिगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड को 2,397 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार किया था।दिल्ली पुलिस की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने उनकी जमानत याचिका को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट से कहा कि सिंह पर 2,400 करोड़ रुपए की देनदारी है। वह विदेश भाग सकते हैं इसलिए मानवीय कारणों से उन्हें जमानत नहीं दी जानी चाहिए। यहां कुछ संदिग्ध लग रह है। उन्होंने कहा कि सिंह के खिलाफ एक और मामला न्यायमूर्ति एएम खानविलकर के नेतृत्व वाली पीठ के समक्ष लंबित है।

वहीं सिंह के वकील ने कोर्ट से कहा कि हम कोर्ट से सहानुभूति का आग्रह करते हैं। इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि इस वक्त सहानुभूति के लायक हैं। अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सिंह पर लगे गंभीर आरोपों को देखते हुए और उनके विदेश भागने की संभावना के चलते उनकी जमानत याचिका खारिज की जाती है। गौरतलब है कि सिंह के खिलाफ दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा मार्च 2019 में कथित धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और आपराधिक विश्वासघात का मामला दर्ज किया गया था।

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