'केंद्र की तैयारी पर संदेह करने का कोई कारण नहीं', कूनो में चीता की मौत पर सुप्रीम कोर्ट ने बंद कर दी सुनवाई
Supreme Court on Cheetah Death: सुप्रीम कोर्ट ने चीता मामले में केंद्र सरकार को बड़ी राहत दी है। उन्होंने कहा कि देश में चीतों को फिर से लाने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर सरकार से सवाल पूछने का कोई कारण नहीं है।
कोर्ट की यह टिप्पणी कूनो नेशनल पार्क में इस साल नौ चीतों की मौत पर दायर याचिका के बाद आई है। मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में नौ चीतों की मौत हो गई। उनमें तीन शावक भी शामिल हैं।

पिछले साल सितंबर में, राष्ट्रीय उद्यान में नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से 20 चीता लाए गए थे। तब से वहां चार शावकों का जन्म हो चुका है। 1952 में देश से इस प्रजाति को विलुप्त घोषित किए जाने के बाद चीते को पुनरुत्पादन परियोजना के तहत चीतों को पार्क में लाया गया था।
सरकार ने अदालत को बताया कि इसके लिए बहुत सारी तैयारी है। हर साल 12-14 नए चीते लाए जाएंगे। समस्याएं हैं लेकिन चिंताजनक कुछ भी नहीं है। कुछ विशेषज्ञों ने इन मौतों के लिए चीतों पर इस्तेमाल किए गए घटिया रेडियो कॉलर को जिम्मेदार ठहराया है।
जबकि सरकार ने आरोपों को वैज्ञानिक सबूत के बिना अटकलें और अफवाह के रूप में खारिज कर दिया है। सरकार ने आज सुप्रीम कोर्ट में किसी भी तरह की चूक से इनकार किया और कहा कि व्यवस्था करने से पहले विदेशी विशेषज्ञों से सलाह ली गई थी।












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