गन्ना किसानों के बकाये ने बढ़ाई सरकार की मुश्किल, 11,000 करोड़ तक पहुंचा आंकड़ा
नई दिल्ली। गन्ना किसानों का बकाया दिन पर दिन बढ़ता ही जा रहा है। खासकर यूपी, महाराष्ट्र की मिलें गन्ना किसानों के बकाया का भुगतान नहीं कर पा रहीं है। जिसकी वजह से अब बकाया 11 हजार करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है। स्थिति अगर ऐसे ही रही तो अप्रैल तक यह बकाया 20,000 करोड़ तक पहुंच सकता है। इन दोनों राज्यों पर नजर डाले तो उत्तर प्रदेश में किसानों का बकाया 6,123 करोड़ रुपए हैं। इसके अलावा पिछले सीजन का भी 2,857 करोड़ रुपया अभी भी बकाया है।

महाराष्ट्र सरकार के चीनी आयोग के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, राज्य में 31 दिसंबर तक 7,450 रुपए का भुगतान किया जाना था। सरकार की ओर से 2018-19 के लिए एफआरपी 245 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया था। लेकिन केवल 2,875.37 करोड़ रुपए का भुगतान हो पाया। जिसकी वजह से अब बकाया 4,575.53 करोड़ रुपए पहुंच गया है। दूसरी ओर उत्तर प्रदेश की हालत और बदतर है। मौजूदा सीजन क लिए 4 जनवरी तक राज्य सरकार के औसत मूल्य 320 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से 10,051.02 करोड़ रुपए का गन्ना खरीदा गया है।
इसमें से उन्हें गन्ने की डिलीवरी की तारीख से 14 दिन की अवधि के भीतर 7,210.11 करोड़ रुपए का भुगतान करना था लेकिन अभी तक भुगतान केवल 2,857.03 करोड़ रुपए का भुगतान ही हो पाया है। 4,353.08 करोड़ रुपए का बकाया है, और कुल मिलाकर 6,123.26 करोड़ रुपए है। बता दें कि देश का लगभग 75 प्रतिशत गन्ना उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में पैदा होता है।
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