Subhash Chandra Bose Love Story: टाइपिस्ट से प्रेम कर बैठे थे नेताजी, सबसे छिपाई थी बेटी के जन्म की बात!
Subhash Chandra Bose Love Story: आज पूरा देश नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जंयती मना रहा है। पीएम मोदी ने भी सुभाष चंद्र बोस को नमन करते हुए उनके पराक्रम को याद किया है। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सबसे प्रभावशाली और करिश्माई नेताओं में से एक सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को ओडिशा के कटक में हुआ था।
उनके पिता जानकीनाथ बोस एक मशहूर वकील थे और माां प्रभावती देवी एक धार्मिक महिला थीं। बचपन से ही सुभाष का झुकाव देशभक्ति और समाजसेवा की ओर था।

पढ़ाई में उत्कृष्ट होने के कारण उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक किया और बाद में इंग्लैंड जाकर सिविल सेवा परीक्षा में चौथा स्थान हासिल किया लेकिन देश प्रेम की वजह से उसूलों से समझौता नहीं किया और मां भारती की सेवा के लिए उन्होंने अफसरशाही की नौकरी छोड़ दी।
वियना में बोस की हुई अपने हमसफर से मुलाकात (Subhash Chandra Bose Love Story)
और अपना तन-मन-धन सबकुछ मां भारती के नाम करने वाले सुभाष चंद्र बोस की लाइफ जर्नी जितनी रोचक और साहसी है, उतनी अबूझ भी है लेकिन इस सफर के कुछ पन्ने काफी रोचक भी हैं। जिसमें सबसे दिलचस्प पन्ना है उनकी मोहब्बत का, साल 1934 में सुभाष चंद्र बोस कुछ स्वास्थ्य परेशानियों से गुजर रहे थे और उसी का इलाज कराने वो ऑस्ट्रिया के वियना गए थे, जहां उन्होंने अपनी जीवनी लिखने के बारे में सोची।
'किताब लिखते-लिखते लव हो गया' (Subhash Chandra Bose Love Story)
लेकिन इसके लिए उन्हें एक टाइपिस्ट की जरूरत थी और इसी सिलसिले में उनकी मुलाकात टाइपिस्ट एमिली शेंकल से हुई, जिन्होंने सुभाष चंद्र बोस की पुस्तक "द इंडियन स्ट्रगल" टाइप करने में मदद की लेकिन किताब लिखने से शुरु हुआ ये रिश्ता किताब के खत्म होने तक मोहब्बत में तब्दील हो गया था। दोनों ने अपने प्यार को रिश्ते की शक्ल देने का फैसला किया और फिर साल 1937 में दोनों ने शादी कर ली।
1942 को विएना में एमिली ने एक बेटी को जन्म दिया
29 नवंबर 1942 को विएना में एमिली ने एक बेटी को जन्म दिया। सुभाष ने अपनी बेटी का नाम अनीता बोस रखा था और जब उन्होंने आखिरी बार उसे देखा था, तब वो मात्र तीन महीने की थीं।
एमिली ने भी दुनिया से छिपाकर रखी अपनी पहचान (Love Story)
लेकिन सुभाष चंद्र बोस अपने राजनीतिक जीवन और व्यक्तिगत जीवन को अलग रखना चाहते थे इसलिए उनकी शादी, पत्नी और बेटी के बारे में किसी को पता ही नहीं चला। एमिली ने अपने पति के इस फैसले का पूरा मान रखा और उन्होंने कभी भी बोस की पत्नी होने की पहचान उजागर नहीं की । वो अपनी बेटी को लेकर आस्ट्रिया में रहती थीं औऱ एक तारघर में काम करती थीं।
पीएम नेहरू के बुलावे पर भारत पहली बार आई थीं बेटी अनीता
18 अगस्त 1945 को ताइवान में हुए विमान दुर्घटना में उनकी मृत्यु की खबर आई और कहते हैं कि आम लोगों को तरह एमिली ने भी ये बैड न्यूज रेडियो पर ही सुनी थी। काफी वक्त तक भारतीयों को मालूम ही था नेताजी के परिवार के बारे में, जब अनीता बोस 19 बरस की हुईं तो वो तत्कालीन पीएम नेहरू के बुलावे पर भारत पहली बार आई थीं।
कोलकाता में हुआ था अनीता बोस का भव्य स्वागत (Subhash Chandra Bose Love Story)
वो पीएम आवास में शाही मेहमान के तौर पर रूकी थीं। कोलकाता में उनका भव्य स्वागत हुआ था। उसके बाद से वो कई बार भारत आ चुकी हैं और आपको हैरत होगी कि उन्होंने जिस व्यक्ति से शादी की, उनसे मुलाकात उनकी भारत में हुई थी, जबकि वो मूल रूप से हंगरी के रहने वाले हैं और उनका नाम मार्टिन फाफ है।
DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है।












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