श्रीकांत बोल्ला: नेत्रहीन पर आज करोड़ों के मालिक, बचपन में जान से मारना चाहते थे लोग,अब जिंदगी पर बनी फिल्म
Srikanth Bolla Bio: अक्सर हम दिव्यांग शख्स को देखकर ऐसी धारणा बना लेते हैं कि जिंदगी ने इनके साथ नाइंसाफी की है। लेकिन उन्हीं दिव्यांग में से कुछ ऐसे होनहार भी होते हैं जो अपनी दिव्यांगता को अपना हथियार बनाकर सफलता का मुकाम हासिल करते हैं, ऐसे ही एक व्यक्ति हैं श्रीकांत बोल्ला, जो नेत्रहीन हैं लेकिन आज उनकी जिंदगी की कहानी पर बनी फिल्म रिलीज हो गई है।

श्रीकांत बोल्ला आज करोड़ों की कंपनी के मालिक हैं। विजुअली चैलेंज्ड होने के बावजूद श्रीकांत बोल्ला दुनिया के टॉप 4 कॉलेज MIT से पढ़े हुए हैं। इनकी बॉयोपिक फिल्म 'श्रीकांत' रिलीज होने के बाद से ये सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं। फिल्म में श्रीकांत बोल्ला का किरदार अभिनेता राजकुमार राव निभा रहे हैं।
फिल्म 'श्रीकांत' 10 मई 2024 को रिलीज हुई। फिल्म के ट्रेलर के वायरल होने के बाद हर कोई श्रीकांत बोल्ला के बारे में जानना चाहता है। लोगों को 32 साल के श्रीकांत बोल्ला की अर्श से फर्श तक पहुंचने वाली कहानी दिलचस्प लग रही है।

Who is Srikanth Bolla: कौन हैं श्रीकांत बोल्ला?
- श्रीकांत बोल्ला एक भारतीय उद्योगपति और बोलैंट इंडस्ट्रीज (Bollant Industries) के मालिक हैं।
- श्रीकांत बोल्ला साचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में साइंस मैनेजमेंट में पढ़ने वाले पहले नेत्रहीन छात्र हैं।
- श्रीकांत बोल्ला का जन्म आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम में 7 जुलाई 1991 को एक आम परिवार में हुआ था। श्रीकांत बोल्ला का परिवार गरीब और अशिक्षित था। श्रीकांत बोल्ला का परिवार मुख्य रूप से खेती पर निर्भर था।
- साल 2022 में श्रीकांत ने स्वाति से शादी की थी। अब ये दोनों एक बेटी के माता-पिता बने हैं।
श्रीकांत बोल्ला की बचपन में मां-बाप को गला घोंटने की दी जाती थी नसीहत
गरीब और अशिक्षित परिवार से संबंध रखने वाले श्रीकांत बोल्ला को बचपन से ही समाज के दरकिनार कर दिया गया था। 6 साल की उम्र में श्रीकांत बोल्ला हर दिन कई किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल जाते थे। अपने सहपाठियों और भाई की मदद से वह ये लंबा सफर तय करते थे। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि श्रीकांत बोल्ला का कोई दोस्त नहीं था। उनसे कोई बात नहीं करता था।

बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में श्रीकांत बोल्ला ने बताया था कि, 'बचपन में उनके माता-पिता को उनकी हत्या करने की नसीहत दी जाती थी। आस-पड़ोस के लोग कहते थे कि मैं किसी काम का नहीं हूं...इसलिए मुझे तकिए से दबाकर जान से मार देना चाहिए।'
आठ साल की उम्र में श्रीकांत को नेत्रहीनों के बोर्डिंग स्कूल में हैदराबाद में दाखिला लिया था। इस दौरान स्कूल में उन्होंने स्विमिंग, शतरंज और क्रिकेट खेलना भी सीखा था।
Srikanth Bolla Eduction: 12वीं में 98 फीसदी आए थे नंबर, MIT में मिला था स्कॉलरशिप
श्रीकांत को मैट्रिकुलेशन (10वीं) में अच्छे नंबर नहीं मिले थे। वहीं 12वीं में श्रीकांत को 98 फीसदी नंबर मिले थे। श्रीकांत को अंधेपन के कारण भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के कोचिंग संस्थानों में प्रवेश देने से मना कर दिया गया था, जहां वह इंजीनियरिंग की पढ़ाई करना चाहता थे। जिसके बाद उन्होंने इंडियन एजुकेशन सिस्टम पर ही केस कर दिया था।
जो बात समाज को समझ नहीं आ रही थी, वो कानून को समझ में आ गई। 6 महीने की इस लड़ाई के बाद उन्हें साइंस पढ़ने का मौका मिला था। दुनिया के टॉप 4 कॉलेज MIT ने भी श्रीकांत को स्कॉलरशिप देकर पढ़ने के लिए बुलाया था।

श्रीकांत जब कॉलेज में एडमिशन लेने के लिए जा रहे थे तो अकेले होने की वजह से उन्हें फ्लाइट में ट्रैवल नहीं करने दिया गया। उस दौरान उन्होंने सबसे मिन्नतें की थी कि कोई उनके साथ ट्रैवल कर ले लेकिन कोई साथ चलने को तैयार नहीं हुआ।
हालांकि तमाम चुनौतियों को पार करने के बावजूद श्रीकांत MIT से ग्रेजुएश करने वाले पहले इंटरनेशनल विजुअली चैलेंज्ड छात्र (अंतरराष्ट्रीय दृष्टिहीन स्टूडेंट) बन गए। इसके बाद उन्हें अमेरिका से भी पढ़ाई करने का अवसर मिला था।
एपीजे अब्दुल कलाम ने की थी इनकी मदद
श्रीकांत 2005 से एक युवा नेता रहे हैं और आगे चलकर लीड इंडिया 2020: द सेकेंड नेशनल यूथ मूवमेंट के सदस्य बन गए थे। भारत के पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम द्वारा शुरू किया गया, लीड इंडिया मूवमेंट इनके बहुत काम आया। फिल्म 'श्रीकांत' में भी एपीजे अब्दुल कलाम के इस साथ वाले सीन को दिखाया दया है।
Srikanth Bolla Net Worth: श्रीकांत बोल्ला की संपत्ति
- श्रीकांत बोल्ला की कंपनी की मार्केट वैल्यू 500 करोड़ रुपये है। श्रीकांत बोल्ला की खुद की सपंत्ति की बात करें तो वह 50 करोड़ के आसपास है। हालांकि इसमें हर साल इजाफा हो रहा है।
- श्रीकांत बोल्ला ने साल 2012 में अपनी कंपनी बोलेंट इंडस्ट्रीज शुरू की थी। इसकी फंडिंग उद्योगपति रतन टाटा ने की थी। ये कंपनी कई सौ विकलांग लोगों को रोजगार प्रदान करती है।
- श्रीकांत बोल्ला की कंपनी बोलेंट इंडस्ट्रीज ने पहले ही साल से प्रति माह औसतन 20% बढ़ोतरी दिखाई। साल 2018 तक ये 150 करोड़ रुपये का कारोबार बन गया था।
- श्रीकांत सर्ज इम्पैक्ट फाउंडेशन के निदेशक भी हैं, जिसकी स्थापना सितंबर 2016 में हुई थी। इस संगठन का लक्ष्य भारत में व्यक्तियों और संस्थानों को 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में सक्षम बनाना है।
- अप्रैल 2017 में श्रीकांत बोल्ला को फोर्ब्स मैगजीन द्वारा पूरे एशिया में टॉप-30 में शामिल किया गया था। इस लिस्ट में सिर्फ 3 भारतीय का नाम शामिल था।












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