रिहाना के ट्वीट को प्रोपेगेंडा कहने वालों पर भड़कीं सोनाक्षी सिन्हा, बोलीं- गलत नैरेटिव मत बनाइए

किसान आंदोलन पर रिहाना के ट्वीट को प्रोपेगेंडा कहने वालों पर भड़कीं सोनाक्षी सिन्हा, बोलीं- गलत नैरेटिव मत बनाइए

नई दिल्ली। किसान आंदोलन (Farmers protest) को लेकर इंटरनेशनल पॉप स्टार रिहाना, पर्यावरण एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग और कई जानीमानी हस्तियों ने समर्थन दिया है। जिसके बाद भारत सरकार ने इस पर एतराज जताया तो बॉलीवुड के कई कलाकारों और कई क्रिकटरों ने भी सरकार का समर्थन किया है। इन क्रिकेटरों और कलाकारों ने विदेशी हस्तियों के ट्वीट को देश के खिलाफ एक प्रोपेगेंडा बताया है। वहीं बहुत से सितारों ने किसानों के प्रति अपना समर्थन जताया है। रिहाना के ट्वीट और उसके बाद बॉलीवुड से आ रही प्रतिक्रियाओं पर अब अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा ने भी अपनी राय जाहिर की है। सोनाक्षी ने इसे प्रोपेगेंडा बताने वाले कलाकारों को जमकर लताड़ा है।

सोनाक्षी बोलीं- सुन तो लीजिए बात किस बारे में हो रही है

सोनाक्षी बोलीं- सुन तो लीजिए बात किस बारे में हो रही है

सोनाक्षी सिन्हा ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर किसान आंदोलन और इस पर कलाकारों की राय को लेकर अपनी बात लिखी है। रिहाना और दूसरे लोग जिन्होंने किसान आंदोलन पर लिखा है। वो क्या कह रहे हैं ये सुन लीजिए। हम मान सकते हैं कि उनको कृषि कानूनों की या हमारे यहां खेती के बारे में जानकारी ना हो लेकिन उन्होंने इसके बारे में बात नहीं की है। उन्होंने मानवाधिकारों के उल्लंघन, इंटरनेट और पानी रोकने अभिव्यक्ति की आजादी छीनने और सत्ता के दुरुपयोग जैसी बातों को लेकर आवाज उठाई है। यह दो अलग-अलग बहसें हैं, इनको मिलाइए मत। यह सिर्फ इंसानों के लिए इंसानों की आवाज बुलंद करने का मामला है, इससे ज्यादा कुछ नहीं है।

घरेलू हिंसा घर का आंतरिक मामला नहीं

घरेलू हिंसा घर का आंतरिक मामला नहीं

सोनाक्षी ने लिखा है कि मीडिया के लोग आपको यह बता रहे हैं कि यह बाहरी ताकतें हैं जो हमें तोड़ने की कोशिश में हैं। एक मिनट ठहर कर सोच लीजिए कि ये एलियंस नहीं हैं। इंसान हैं और किसी दूसरे इंसान की परेशानी पर बोल रहे हैं। ऐसे तो कोई घरेलू हिंसा के लिए भी कह सकता है कि मैं तो यही करूंगा, ये मेरा आंतरिक मामला है लेकिन ये आंतरिक मामला नहीं है। ये दमनकारियों के तर्क होते हैं कि हमारा आंतरिक मामला है।

गलत नैरेटिव बनाया जा रहा

गलत नैरेटिव बनाया जा रहा

सोनाक्षी ने आगे लिखा है कि सरकार और मीडिया के प्रोपेगैंडा के जरिये प्रदर्शनकारियों की गलत छवि पेश की जा रही है। किसानों का पक्ष लिखने वाले पत्रकारों को डराया जा रहा है। जाहिर है कि इसकी दुनिया में चर्चा में है और इस पर रिएक्शन आ रहे हैं। मैं आपसे कहना चाहती हूं कि बाहरी ताकतों के देश में अशांति फैलाने का जो नैरेटिव बनाया जा रहा है, उसे ना बनने दें।

तापसी पन्नू ने भी प्रोपेगेंडा बताने वालों को घेरा

तापसी पन्नू ने भी प्रोपेगेंडा बताने वालों को घेरा

तापसी पन्नू ने किसान आंदोलन के समर्थन में विदेशी हस्तियों के ट्वीट्स पर खड़े हुए विवाद को लेकर कहा, अगर एक ट्वीट आपकी एकता को तोड़ता है, एक मजाक आपके विश्वास को हिला सकता है या एक शो आपकी धार्मिक भावनाओं को आहत करता है, तो फिर आपको जरूरत है कि आप दूसरों के लिए एक प्रोपेगेंडा टीचर बनने के बजाय अपने वैल्यू सिस्टम को मजबूत करने पर काम करें।

क्या है ये पूरा मामला

क्या है ये पूरा मामला

केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ किसान कई महीने से प्रदर्शन कर रहे हैं। हाल ही में सरकार ने उन इलाकों का इंटरनेट और कई सुविधाएं बंद कर दी हैं, जहां किसान धरना दे रहे हैं। इसको लेकर सिंगर रिहाना, एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग और कई हस्तियों ने ट्वीट कर कहा है कि भारत सरकार गलत कर रही है। ऐसे में दुनिया इस पर ध्यान दे और बात करे। जिसके बाद विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया कि मशहूर हस्तियों ने जो कमेंट किए हैं वह गैरजिम्मेदाराना हैं। इसके बाद अक्षय कुमार अजय देवगन जैसे सितारे तो सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली जैसे क्रिकेटर और तमाम लोगों ने इसको लेकर ट्वीट किया और सरकार की बात को बढ़ाते हुए कहा कि ये ट्वीट देश की एकता के खिलाफ प्रोपेगेंडा है।

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