अधूरा रह गया वादा! बेटे के पहले जन्मदिन पर घर आया अर्जुन जाधव का शव, शहादत पर रो पड़ा पूरा गांव

Arjun Jadhav Martyred: देश की रक्षा करते हुए शहीद होने वाले जवानों की कहानियां हमेशा लोगों की आंखें नम कर देती हैं। जम्मू-कश्मीर के उरी (Uri) सेक्टर से आई एक ऐसी ही खबर ने महाराष्ट्र के सातारा जिले के शहापुर गांव को गहरे दुख में डुबो दिया है। भारतीय सेना के जवान अर्जुन राजेंद्र जाधव (Arjun Rajendra Jadhav) अब इस दुनिया में नहीं रहे।

नियंत्रण रेखा (LoC) के पास हुए एक आकस्मिक विस्फोट में उन्होंने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। सबसे दर्दनाक बात यह है कि अर्जुन अपने बेटे सर्वेश का पहला जन्मदिन मनाने घर आने वाले थे। परिवार खुशियों की तैयारी में था, लेकिन उससे पहले ही शहादत की खबर पहुंच गई। जिस बेटे को पिता की गोद में अपना पहला जन्मदिन मनाना था, वह अब अपने पिता की यादों के सहारे बड़ा होगा।

Arjun Jadhav Martyred

छुट्टी लेकर घर आने की थी तैयारी

महाराष्ट्र के सातारा जिले के कराड तालुका स्थित शहापुर गांव के रहने वाले अर्जुन जाधव भारतीय सेना में तैनात थे। परिवार के लोगों के अनुसार, वह जल्द ही छुट्टी लेकर घर आने वाले थे। वजह भी खास थी। उनके 11 महीने के बेटे सर्वेश का पहला जन्मदिन आने वाला था और अर्जुन इस खास मौके को अपने परिवार के साथ बिताना चाहते थे। घर में जन्मदिन की बातें हो रही थीं, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि खुशियों का इंतजार अचानक मातम में बदल जाएगा।

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उरी सेक्टर में हुआ हादसा

सेना के मुताबिक, बारामूला जिले के उरी सेक्टर के कमलकोट इलाके में मंगलवार दोपहर एक आकस्मिक विस्फोट हुआ। इस हादसे में दो जवान गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दोनों को तुरंत श्रीनगर के 92 बेस अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। इस घटना में अर्जुन जाधव के साथ महाराष्ट्र के ही जवान विक्रम बालकृष्ण चव्हाण भी शहीद हो गए।

Arjun Jadhav

पीछे छूट गया पूरा परिवार

अर्जुन अपने पीछे माता-पिता, पत्नी सायली, 11 महीने के बेटे सर्वेश, दो भाइयों और एक बहन को छोड़ गए हैं। परिवार के लिए यह नुकसान ऐसा है जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। उनके छोटे भाई भी भारतीय नौसेना में देश की सेवा कर रहे हैं। एक तरफ परिवार को अपने बेटों पर गर्व है, तो दूसरी तरफ अर्जुन की शहादत का दर्द हर किसी की आंखें नम कर रहा है।

गांव में हर आंख हुई नम

जैसे ही अर्जुन के शहीद होने की खबर शहापुर गांव पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। गांव के लोग बड़ी संख्या में उनके घर पहुंच रहे हैं। हर किसी के चेहरे पर दुख साफ दिखाई दे रहा है। ग्रामीण बताते हैं कि अर्जुन बेहद सरल स्वभाव के थे। वह हमेशा परिवार और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को सबसे ऊपर रखते थे। यही वजह है कि उनकी शहादत की खबर ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है।

सेना ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

भारतीय सेना की चिनार कोर ने अर्जुन जाधव और विक्रम बालकृष्ण चव्हाण को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि दोनों जवानों ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है। उनकी बहादुरी, कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति हमेशा याद रखी जाएगी। सेना ने यह भी कहा कि इस कठिन समय में वह शहीद जवानों के परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और हर संभव सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।

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