स्नेहा दुबे से लेकर रुचिरा कंबोज तक, मिलिए भारत की टॉप 4 विमन डिप्लोमेट्स से, जो कर रही हैं देश का नाम ऊंचा
स्नेहा दुबे से लेकर रुचिरा कंबोज तक, मिलिए भारत की टॉप 4 विमन डिप्लोमेट्स से, जो कर रही हैं देश का नाम ऊंचा
नई दिल्ली, 24 जून: संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएन) 24 जून को विमन डिप्लोमेसी डे (Day of Women in Diplomacy) मनाता है। डिप्लोमेसी अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 24 जून को हर साल देशभर में मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र में मालदीव की राजदूत थिल्मीजा हुसैन (Thilmeeza Hussain) ने विमन डिप्लोमेसी डे का परिचय देते हुए कहा, ''जैसे-जैसे महिलाएं राजनयिक रैंक पर बढ़ रही हैं, वे संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय सहित अपने पुरुष साथियों से भी आगे निकल रही हैं, जबकि वह सिर्फ स्थायी प्रतिनिधि के केवल पांचवें हिस्से का प्रतिनिधित्व करती हैं।'' मालदीव के राजनेता ने कहा, "वे अभी भी लिंगवाद की गहरी जड़ें झेल रहे हैं, जो उनकी पेशेवर उन्नति में बाधा डालते हैं और उनके योगदान और उपलब्धियों को अस्पष्ट करते हैं।" तो इस खास मौके पर हम आपको भारत की टॉप 4 विमन डिप्लोमेट्स के बारे में बताते हैं, जो यूएन में देश का नाम ऊंचा कर रही हैं।

1. स्नेहा दुबे
स्नेहा दुबे, संयुक्त राष्ट्र में भारत की पहली सचिव हैं। स्नेहा दुबे 2012 बैच की भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी हैं। स्नेहा दुबे ने अपनी स्कूली शिक्षा गोवा से पूरी की और हाईयर एजुकेशन पुणे फर्ग्यूसन कॉलेज से की है। इसके बाद स्नेहा दुबे अंतरराष्ट्रीय अध्ययन में एमफिल के लिए दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) गईं।
स्नेहा दुबे ने पिछले साल सुर्खियां बटोरीं, जब सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन में पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा कश्मीर के मुद्दे को उठाने पर उन्होंने जवाब दिया। इसके बाद वह सोशल मीडिया पर छाई गई थीं।

2. रुचिरा कंबोज
1987 बैच की भारतीय विदेश सेवा (IFS) की अधिकारी रुचिरा कंबोज वर्तमान में भूटान में भारत की दूत के रूप में कार्यरत हैं। लेकिन खुशी की बात ये है कि रुचिरा कंबोज को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में भारत की अगली राजदूत/स्थायी प्रतिनिधि नियुक्त किया गया है। ऐसा करने वाली वह पहली महिला हैं। रुचिरा कंबोज टी एस तिरुमूर्ति का स्थान लेंगी। टी एस तिरुमूर्ति का विस्तारित कार्यकाल जल्द ही खत्म होने को है।

3. विदिशा मैत्रा
भारतीय राजनयिक विदिशा मैत्रा 2009 बैच की आईएफएश अधिकारी हैं। नवंबर 2020 में विदिशा मैत्रा को प्रशासनिक और बजटीय प्रश्नों (ACABQ) पर संयुक्त राष्ट्र सलाहकार समिति के लिए चुना गया था। भारत जब जनवरी 2021 में दो साल के कार्यकाल के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक अस्थायी सदस्य के रूप में बैठने की तैयारी कर रहा था, उस दौरान विदिशा मैत्रा ने अपने प्रदर्शन के लिए 'सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षण अधिकारी' स्वर्ण पदक जीता था। विदिशा मैत्रा ने इससे पहले विदेश मंत्रालय में अवर सचिव (नीति, योजना और अनुसंधान) के रूप में कार्य किया है।

4. पौलोमी त्रिपाठी
पौलोमी त्रिपाठी संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में की पूर्व काउंसलर थीं। पौलोमी त्रिपाठी 2007-बैच के IFS अधिकारी हैं। पौलोमी त्रिपाठी उस वक्त चर्चाओं में आई थीं, जब उन्होंने पाकिस्तान को फटकारा था। असल में तत्कालीन पाकिस्तान के राजदूत ने फिलिस्तीन की एक लड़की की तस्वीर दिखाकर दावा किया था कि ये कश्मीर की है। उसी वक्त इस तस्वीर की सच्चाई बता पौलोमी त्रिपाठी ने सबको शांत करवा दिया था।












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