सिक्किम में बाहरी राज्यों से आने वाले दूध पर राज्य सरकार ने लगाया बैन, जानिए क्या है वजह
गंगटोक, जनवरी 18। नॉर्थ ईस्ट राज्य सिक्किम में अब बाहरी राज्यों से आने वाले दूध पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। मंगलवार को राज्य सरकार ने इस संदर्भ में एक आदेश जारी किया। सरकार ने अपने आदेश में कहा है कि राज्य के बाहर से आने वाले सभी डिब्बाबंद और पैकिंग वाले दूध को अस्थायी रूप से बैन कर दिया है। राज्य सरकार ने दूध की क्वालिटी पर संदेह जताया है।

क्यों सरकार ने उठाया ये कदम?
राज्य सरकार के पशुपालन और पशु चिकित्सा सेवा विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, बुधवार से सिक्किम के बाहर से खरीदे गए पैकिंग वाले दूध की खरीद-बिक्री प्रतिबंधित रहेगी। सरकार की तरफ से कहा गया है कि राज्य में संसाधित और असंसाधित दूध के विभिन्न रूप बिक्री के लिए लाए जा रहे हैं। कई जांचों और उपभोक्ताओं द्वारा दिये गये फीडबैक के आधार पर पाया गया है कि निजी संस्थानों द्वारा लाए जा रहे यह प्रोडक्ट क्वालिटी के पैमाने पर खरे नहीं उतर रहे हैं, इसलिए सरकार ने ये कदम उठाया है।
कोविड संक्रमण का भी हो सकता है प्रसार
राज्य सरकार का मानना है कि ऐसे दूध के सोर्स को कंट्रोल कर पाना थोड़ा मुश्किल है। इसके अलावा दूध के डिब्बे और पाउच के जरिए कोविड संक्रमण का प्रसार भी संभव है, इसलिए दूध के आयात पर रोक लगाई गई है। अधिसूचना में कहा गया है कि राज्य के उपभोक्ताओं की सुरक्षा को देखते हुए सिक्किम सरकार 19 जनवरी 2022 से राज्य के बाहर से आने वाले पैकिंग वाले दूध पर बैन लगा रही है।
पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से आता है सिक्किम में दूध
राज्य सरकार के इस कदम के बाद माना जा रहा है कि राज्य में दूध की कमी हो सकती है, लेकिन सरकार ने ये साफ कर दिया है कि दूध की सप्लाई न्यूनतम है और राज्य सरकार मांग के अनुसार दूध की सप्लाई को पूरा करने में सक्षम है। आपको बता दें कि सिक्किम के बाहर दूध मुख्य रूप से पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से आता है।












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