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'1 दिन में 16 बार दिखता था सूर्योदय','गगनयात्री' में शुभांशु शुक्ला ने सुनाए अंतरिक्ष यात्रा के दिलचस्प किस्से

Shubhanshu Shukla: कल्पना कीजिए... आप धरती से हजारों किलोमीटर ऊपर अंतरिक्ष में हैं, जहां काले आसमान में तारे झिलमिला रहे हैं और नीचे फैली हुई धरती किसी चमकते हुए रत्न की तरह दिख रही है। ऐसे ही नजारे को अपनी आंखों में समेटकर लौटे हैं भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला। शुभांशु शुक्ल ने बताया कि अंतरिक्ष से भारत का नजारा इतना मनमोहक है कि शब्द भी उस खूबसूरती को बयान नहीं कर सकते।

भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष से धरती को निहारने के अपने अनमोल अनुभव को साझा करते हुए कहा कि भारत का नजारा वहां से सबसे अलग और बेहद खूबसूरत दिखता है। गगनयात्री सम्मान समारोह में उन्होंने बताया कि रात के समय भारतीय महासागर से उत्तर की ओर बढ़ते हुए भारत की आकृति और जगमगाते शहरों का दृश्य ऐसा था, जिसे देखकर दिल गर्व और खुशी से भर उठता था। उन्होंने अपने इस अनोखे सफर के कई दिलचस्प किस्से भी सुनाए, जो वहां मौजूद सभी लोगों को प्रेरित कर गए।

Shubhanshu Shukla

ग्रुप कैप्टन ने कहा कि अंतरिक्ष से भारत को देखना बेहद अद्भुत अनुभव था। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से भारत का एक वीडियो क्लिप भी रिकॉर्ड किया है। शुक्ला ने कहा, "मैं सिर्फ भारतीय होने के नाते नहीं कह रहा, लेकिन जो भी अंतरिक्ष यात्री भारत को ऊपर से देखेगा, वह यही मानेगा कि भारत वाकई बेहद खूबसूरत दिखता है।"
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रात में नजारा और भी खास

उन्होंने बताया कि रात के समय भारतीय महासागर से उत्तर की ओर गुजरते हुए भारत का नजारा किसी सपने जैसा लगता है। अंतरिक्ष से यह दृश्य ऐसा होता है, जिसे जीवन में शायद ही कभी भुलाया जा सके।

16 बार दिखता था सूर्योदय

शुक्ला ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वहां से धरती पर ऑक्सीजन की हरी रोशनी, चमकते तारे और जगमगाते शहर दिखते थे। उन्होंने कहा, "एक दिन में 16 बार सूर्योदय देखने को मिलता था, लेकिन यह नजारा कभी बोर नहीं करता था।"

वायुसेना को दिया श्रेय

शुक्ला ने कहा कि उनकी सफलता के पीछे भारतीय वायुसेना का बड़ा योगदान है। उन्होंने बताया, "जब मैंने वायुसेना जॉइन की थी, तब मैं बहुत संकोची और खुद को लेकर असमंजस में था, लेकिन इस यूनिफॉर्म ने मेरी सोच और आत्मविश्वास दोनों को बदला। कॉकपिट ने मुझे जिंदगी का सबसे बड़ा सबक सिखाया।"

पहली मुलाकात का किस्सा

शुक्ला ने अपने मिशन की कमांडर पेगी व्हिटसन से हुई पहली मुलाकात का मजेदार किस्सा भी साझा किया। उन्होंने हंसते हुए बताया कि उन्होंने पेगी से मजाक में कहा, "क्या आप जानती हैं, भगवान और पायलट में क्या फर्क है? भगवान खुद को पायलट नहीं समझते।"

रक्षा मंत्री ने की सराहना

समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, ग्रुप कैप्टन पीवी नायर, ग्रुप कैप्टन अजीत कृष्णन और ग्रुप कैप्टन अंगद प्रताप को सम्मानित किया। इस मौके पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान और एयर चीफ मार्शल एपी सिंह भी मौजूद रहे। राजनाथ सिंह ने कहा, "आप सबने जिस धैर्य और लगन से ट्रेनिंग पूरी की, वह काबिले-तारीफ है। पूरा देश आप पर गर्व करता है।"


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