‘भारत आज भी, सारे जहां से अच्छा’, शुभांशु शुक्ला का Axiom-4 मिशन में जलवा, स्पेस में गूंजा ‘जय हिंद’
India Shines in Space: भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र लगातार नई ऊंचाइयां छू रहा है। कभी सीमित संसाधनों के साथ छोटे-छोटे प्रयोग करने वाला देश आज बड़े वैश्विक मिशनों में अपनी खास पहचान बना चुका है। इसरो की ऐतिहासिक उपलब्धियों से लेकर निजी कंपनियों की बढ़ती भागीदारी तक, हर कदम भारत को अंतरिक्ष विज्ञान में नई दिशा दे रहा है।
इसी कड़ी में एक्सिओम-4 मिशन भी एक बड़ा मील का पत्थर साबित हुआ, जिसमें भारतीय ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष की ऊंचाइयों पर भारत का परचम लहराया और वैज्ञानिक प्रयोगों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।

इसरो चेयरमैन वी. नारायणन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक काम किए हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में साउथ एशिया सैटेलाइट तैयार कर लॉन्च किया गया और इसे दक्षिण एशियाई देशों को उपहार में दिया गया। इसके अलावा, जी20 देशों के लिए भी जी20 सैटेलाइट को साकार किया गया।
नरायणन ने आगे कहा कि दस साल पहले भारत में अंतरिक्ष से जुड़ा केवल एक स्टार्टअप था, लेकिन आज देश में 300 से ज्यादा स्पेस स्टार्टअप काम कर रहे हैं। निजी कंपनियां भी आगे बढ़ रही हैं और दो सबऑर्बिटल मिशन पूरे कर चुकी हैं।
#WATCH | Delhi | ISRO Chairman V. Narayanan says, "... After PM Modi took over as the prime minister, the south asian satellite was built, launched and donated to the south asian countries. Under his leadership, we have also realised the G20 satellite for the G20 countries... 10… pic.twitter.com/nA3A8ekHxX
— ANI (@ANI) August 21, 2025
शुभांशु शुक्ला ने शेयर किया अपना एक्सपीरियंस
एक्सिओम-4 मिशन के मिशन पायलट ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने सरकार, इसरो और अपने सहयोगियों का आभार जताया। उन्होंने बताया कि इस मिशन में वे फाल्कन-9 रॉकेट पर सवार होकर क्रू ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट में अंतरिक्ष पहुंचे। उन्होंने कहा, "क्रू ड्रैगन दुनिया के उन तीन वाहनों में से एक है, जो इंसानों को अंतरिक्ष तक ले जा सकता है। मेरे पास मिशन पायलट की जिम्मेदारी थी, जहां मुझे कमांडर के साथ काम करते हुए क्रू ड्रैगन के सिस्टम से तालमेल बैठाना था।"
भारतीय वैज्ञानिकों के प्रयोगों को दी सफलता
शुक्ला ने बताया कि मिशन के दौरान भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा तैयार किए गए कई प्रयोग सफलतापूर्वक पूरे किए गए। इसके अलावा, STEM डेमो, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी जैसे काम भी किए गए, जिससे भारत के शोध को नया आयाम मिला।
मिशन रहा पूरी तरह सफल
ग्रुप कैप्टन शुक्ला ने कहा, "यह मिशन बेहद सफल रहा। हमने अपने सभी तकनीकी लक्ष्यों को हासिल किया। ऐसे मिशनों के जरिए जो अनुभव और ज्ञान मिलता है, वह अनमोल होता है और उसे पूरी तरह दस्तावेज में दर्ज नहीं किया जा सकता।"
'भारत अंतरिक्ष से भी सबसे सुंदर'
अंतरिक्ष से भारत को देखकर अपने अनुभव साझा करते हुए शुक्ला ने भावुक होकर कहा, "भारत आज भी अंतरिक्ष से सबसे सुंदर दिखता है। जय हिंद, जय भारत!"
#WATCH | Delhi | Group Captain Shubhanshu Shukla says, "... Bharat aaj bhi Antariksh se saare jahaan se achha dikhta hai. Jai Hind, Jai Bharat..." pic.twitter.com/mvq6zoGBqV
— ANI (@ANI) August 21, 2025
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