Shriya Lohia: श्रिया लोहिया भारत की पहली महिला फॉर्मूला 4 रेसर, 9 की उम्र में शुरू किया रफ्तार का रोमांच
Shriya Lohia: श्रिया लोहिया भारत की पहली महिला फॉर्मूला 4 रेसर बन चुकी हैं। मोटरस्पोर्ट्स की दुनिया में श्रिया ने अपनी शानदार यात्रा की शुरुआत महज 9 साल की उम्र में की थी। हिमाचल प्रदेश के सुंदर नगर में जन्मी श्रिया ने अपने करियर की शुरुआत कर्टिंग से की थी। अपनी तेज गति और सटीकता के कारण, उन्होंने कई प्रतियोगिताओं में 30 से अधिक पोडियम फिनिश प्राप्त किए। यही नहीं, उनका निरंतर समर्पण और सफलता उन्हें फेडरेशन ऑफ मोटर स्पोर्ट्स क्लब्स ऑफ इंडिया (FMSCI) से चार सम्मान मिल चुके हैं, जो उनके प्रयासों की वास्तविकता को प्रमाणित करते हैं।
श्रिया की सफलता ने उन्हें भारतीय मोटरस्पोर्ट्स की प्रमुख हस्तियों में स्थान दिलाया, और उन्हें 2022 में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जो बच्चों के लिए भारत का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार है। इस पुरस्कार के साथ उनकी कड़ी मेहनत और प्रेरणा का सम्मान हुआ, जो उन्होंने न केवल मोटरस्पोर्ट्स में बल्कि महिला रेसर्स के लिए एक नई उम्मीद जगाई है।

श्रिया लोहिया की यात्रा सिर्फ रेसिंग तक सीमित नहीं रही। वह न केवल एक उत्कृष्ट रेसर हैं, बल्कि एक होशियार छात्रा भी हैं। वर्तमान में कक्षा 11 की विज्ञान की छात्रा, श्रिया ने अपनी पढ़ाई और रेसिंग दोनों में संतुलन बनाए रखा है। वह होमस्कूलिंग के माध्यम से अपनी शिक्षा को आगे बढ़ा रही हैं, ताकि अपने सपनों को पूरा करने में कोई रुकावट न आए। उनका सपना है कि वह फॉर्मूला 1 जैसी अंतरराष्ट्रीय रेसिंग सीरीज़ में भारत का नाम रोशन करें और भविष्य में और अधिक युवाओं को मोटरस्पोर्ट्स में करियर बनाने के लिए प्रेरित करें।
श्रिया की रेसिंग के प्रति जुनून की कोई सीमा नहीं है। वे फॉर्मूला 1, फॉर्मूला 2, फॉर्मूला 3, फॉर्मूला ई और वर्ल्ड रैली चैम्पियनशिप (WRC) जैसी प्रमुख रेसिंग सीरीज़ की सक्रिय रूप से फॉलो करती हैं। इसके साथ ही, वह एक बहु-प्रतिभाशाली एथलीट भी हैं। उन्हें बास्केटबॉल, बैडमिंटन, पिस्टल शूटिंग, साइक्लिंग और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग जैसी गतिविधियों में भी रुचि है, जो उनके शारीरिक फिटनेस को बनाए रखने में मदद करती हैं। यह सभी खेल उनके रेसिंग करियर के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि एक पेशेवर रेसर के लिए शारीरिक फिटनेस बेहद आवश्यक है।
श्रिया की मोटरस्पोर्ट्स यात्रा की शुरुआत रोटैक्स मैक्स इंडिया कर्टिंग चैम्पियनशिप से हुई थी, जहाँ उन्होंने माइक्रो मैक्स श्रेणी में चौथे स्थान पर आकर अपनी पहचान बनाई। इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें 'आउटस्टैंडिंग वुमन इन मोटरस्पोर्ट्स' पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जिससे वह भारतीय रेसिंग की उभरती हुई स्टार बन गईं।
श्रिया लोहिया की सफलता ने यह साबित किया है कि अगर किसी में जुनून और समर्पण हो, तो वह किसी भी चुनौती का सामना कर सकता है, चाहे वह पुरुष प्रधान खेल हो या कोई और क्षेत्र। उनके सफर ने भारतीय मोटरस्पोर्ट्स में महिलाओं के लिए नए द्वार खोले हैं और आने वाली पीढ़ी को प्रेरणा दी है।












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