Farmers Protest: कृषि कानूनों पर सुनवाई के दौरान किसानों की तरफ से वकील दुष्यंत दवे ने क्या-क्या कहा?
Farmers Protest: मोदी सरकार के नए कृषि कानूनों का विरोध जारी है। किसान पिछले डेढ़ महीने से दिल्ली से लगती सीमाओं पर मोर्चा संभाले हुए हैं। इस कानून की संवैधानिक वैधता को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं डाली गई थीं, जिस पर सोमवार को सुनवाई हुई। इस दौरान केंद्र सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल मौजूद थे, जबकि किसान संगठन की ओर से वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों में जमकर बहस हुई। आइए जानते हैं कि वकील दुष्यंत दवे ने किसानों के पक्ष में क्या-क्या बातें कहीं-
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- किसानों की बात रखते हुए वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को दिल्ली के रामलीला मैदान नहीं जाने दिया जा रहा। जिस वजह से वो दिल्ली से लगती सीमाओं पर डेरा डालने को मजबूर हैं। उन्होंने साफ किया कि किसी भी तरह से आंदोलन को हिंसक बनाने में किसानों की दिलचस्पी नहीं है, वे सिर्फ शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना चाहते हैं।
- दवे ने नए कानूनों की वैधता पर ही सवाल उठा दिए। उन्होंने कहा कि आखिर कैसे इतना महत्वपूर्ण कानून संसद में ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।
- उन्होंने सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर केंद्र इस मामले में गंभीर है तो वो संसद का संयुक्त सत्र क्यों नहीं बुलाती। मोदी सरकार क्यों इससे पीछे हट रही है।
- सुप्रीम कोर्ट ने एक कमेटी के जरिए किसानों की बात सुनने की बात कही, जिस पर दुष्यंत दवे ने कहा कि उनके 400 संगठन हैं। ऐसे में वो बात करके ही कमेटी के सामने जाने का फैसला करेंगे। जिस पर कोर्ट ने नाराजगी जताई और कहा कि ऐसा माहौल ना बनाएं की आप सिर्फ सरकार से बात करेंगे, कमेटी से नहीं।
- सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल ने रविवार को करनाल में सीएम खट्टर की महापंचायत के दौरान हुए बवाल का जिक्र किया। साथ ही कहा कि किसान गणतंत्र दिवस परेड के दौरान ट्रैक्टर रैली निकालकर बाधा डालना चाहते हैं। जिस पर दुष्यंत दवे ने भरोसा दिलाया कि ऐसा कुछ राजपथ पर 26 जनवरी को नहीं होगा।
- सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर केंद्र सरकार इस पर सही से एक्शन नहीं लेती, तो आज उन्हें इस संबंध में कोई फैसला लेना पड़ेगा। जिस पर दुष्यंत दवे ने मंगलवार तक सुनवाई स्थगित करने की मांग की। साथ ही कहा कि मंगलवार को विचार विमर्श करके आगे सुनवाई की जाए।












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