SC ने पलटा हाईकोर्ट का फैसला- समलैंगिक यौन संबंध है क्राइम

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नयी दिल्ली। वयस्कों के बीच समलैंगिक संबंधों को लेकर देश की सर्वोच्च अदालत ने इसे गैरकानूनी करार दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खारिज करते हुए समलैंगिक संबंधों को अपराध की श्रेणी में माना है। उन्होंने कहा है कि इस संबंध में सरकार को अटॉनी जनरल से सलाह देनी चाहिए। कोर्ट ने कहा कि समलैंगिक संबंध हमारे कानून के खिलाफ है। इसकी इजाजत नहीं दी जा सकती है। सरकार चाहे तो संविधान में बदलाव कर ले।

कोर्ट ने समलैंगिक संबंधों को अपराध की श्रेणी से हटाने वाले दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को खारिज कर इसे गैरकानूनी बना दिया है। कोर्ट ने समलैंगिक संबंधों पर रोक लगाते हुए अपराद माना है। योग गुरु बाबा रामदेव के अलावा विभिन्न गैर सरकारी संगठनों की विशेष अनुमति याचिकाओं पर कोर्ट ने अपना महत्वपूर्ण फैसला दिया है। बाबा रामदेव और कुछ धार्मिक और गैर सरकारी संगठनों ने दिल्ली हाईकोर्ट के जुलाई 2009 के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाई थी और कहा था

कि हाईकोर्ट का यह फैसला देश की संस्कृति के लिए खतरनाक साबित होगा। याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट में यह कहते हुए गुहार लगाई थी कि भारत की संस्कृति पाश्चात्य देशों से अलग है और इस तरह के आदेश देश की सांस्कृतिक नींव हिला सकते हैं। उन्होंने अपनी याचिका में कहा था कि समलैंगिक संबंधों को कानूनी मान्यता नहीं दी जानी चाहिए, क्योंकि ये प्रकृति के खिलाफ भी है।

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