सुप्रीम कोर्ट ने बीजेपी, कांग्रेस, एनसीपी और सीपीएम पर लगाया लाखों का जुर्माना, जानिए पूरा मामला
नई दिल्ली, 10 अगस्त: सुप्रीम कोर्ट ने जहां मंगलवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए राजनीतिक पार्टियों को आदेश दिया कि अब 48 घंटे के भीतर ही उम्मीदवार के चयन के बाद उसकी सारी डिटेल सार्वजनिक करनी होगी, जिसमें इस बात की जानकारी देनी होगी कि उस पर कितने आपराधिक मुकदमे दर्ज है। वहीं अब बिहार चुनावों के दौरान उम्मीदवारों के आपराधिक रिकॉर्ड को सार्वजनिक नहीं करने पर सुप्रीम कोर्ट ने बीजेपी, कांग्रेस, एनसीपी और सीपीएम पर जुर्माना लगाया है।
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दरअसल, सुप्रीम कोर्ट उन राजनीतिक दलों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने वाली एक अवमानना याचिका पर मंगलवार को सुनवाई कर रहा था, जो अपने उम्मीदवारों के आपराधिक इतिहास को घोषित करने और प्रचारित करने में विफल रहे थे। इस दौरान अपने फैसले में में बिहार चुनावों के दौरान चुनाव उम्मीदवारों के आपराधिक इतिहास को सार्वजनिक करने के अदालत के पहले के निर्देशों का पालन करने में विफल रहने के लिए भाजपा और कांग्रेस पर एक-एक लाख और राकांपा और सीपीएम पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
राजनीति के अपराधीकरण पर बड़ा फैसला
वहीं इससे पहले राजनीति के अपराधीकरण मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी करते हुए कहा कि राजनीतिक दलों को उम्मीदवार के ऐलान के 48 घंटों के भीतर उसका आपराधिक इतिहास सार्वजनिक करना होगी। जस्टिस आरएफ नरीमन और बीआर गवई की पीठ ने इस संबंध में अपने 13 फरवरी, 2020 के फैसले को संशोधित किया है।
पहले के फैसले में किया बदलाव
बता दें कि इससे पहले फरवरी 2020 के फैसले के मुताबिक उम्मीदवार के चयन के 48 घंटे के भीतर या फिर नामांकन भरने करने की पहली तारीख से कम से कम दो सप्ताह पहले उसका क्रिमिनल रिकॉर्ड जारी करने के आदेश थे, लेकिन अब अपने फैसले बदलाव करते हुए 48 घंटे के भीतर जारी करने का आदेश दिया गया है।












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