IT एक्ट की धारा 66A के तहत दर्ज केस 3 हफ्तें के अंदर वापस लें: SC

नई दिल्ली, 07 सितंबर। सुप्रीम कोर्ट ने आईटी एक्ट की धारा 66 ए को लेकर फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि आईटी एक्ट की धारा 66ए को 2015 में ही रद्द कर दिया गया है, लेकिन इसके रद्द होने के सात साल बाद भी इस कानून के तहत केस दर्ज किया जा रहा है। कोर्ट ने राज्यों के मुख्य सचिवों को फटकार लगाते हुए कहा कि 3 हफ्ते के भीतर इस तरह के केस को वापस लिया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने पांच राज्यों के मुख्य सचिवों को फटकार लगाई है। कोर्ट ने इस मामले पर सख्त रुख अख्तियार किया है और निर्देश दिया है कि तीन हफ्तों के भीतर इस तरह के केस को वापस लिया जाए। बता दें कि आईटी एक्ट 66ए के तहत आपत्तिजनक पोस्ट सोशल मीडिया पर पोस्ट करने पर तीन साल की कैद और जुर्माने की सजा का प्रावधान है।

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सुप्रीम कोर्ट ने 2015 में कहा था कि विचार और अभिव्यक्ति की आजादी की स्वतंत्रता सर्वोच्च है, लिहाजा जनता के जानने का अधिकार आईटी एक्ट की धारा 66ए से सीधा उल्लंघन होता है। चीफ जस्टिस यूयू ललित और रविंद्र भट्ट की बेंच ने मंगलवार को कहा कि यह एक गंभीर चिंता का विषय है कि कोर्ट के आधिकारिक निर्णय के बाद इस एक्ट को खारिज किया गया है, बावजूद इसके केस दर्ज किए जा रहे हैं। कोर्ट ने कहा कि हमने केंद्र के वकील जोहेब हुसैन को इन राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ संवाद करने के लिए कहा है

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