Sarada Muraleedharan: 'ये उतनी काली, जितना इसका पति गोरा ', कौन हैं मुरलीधरन जिन्होंने बताया काले रंग का दर्द?
Sarada Muraleedharan Hindi: केरल की मुख्य सचिव शारदा मुरलीधरन इस वक्त सोशल मीडिया पर काफी चर्चित हैं, वजह है उनकी वो पोस्ट जिसमें उन्होंने स्कीन टोन की बात की है। उनकी पोस्ट ने ये बातें एक बार फिर से उजागर कर दी हैं कि आज भी हमारे समाज में महिलाओं को स्कीन कलर के हिसाब सुंदर और बदसूरत कहा जाता है।
शारदा मुरलीधरन ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि ''कल मुझे मुख्य सचिव के तौर पर मेरे काम को लेकर एक दिलचस्प टिप्पणी सुनने को मिली, जिसने मुझे फिर से कुछ सोचने पर विवश किया है।'

उन्होंने कहा कि 'किसी ने मेरे लिए कहा कि मेरा कार्यकाल उतना ही 'काला' है जितना मेरे पति का 'सफेद' था, मुझे अपने कालेपन को हर सूरत में स्वीकारना ही होगा, मैं इससे बच नहीं सकती हूं।'
'इसमें कुछ ऐसी बातें हैं जिन पर चर्चा होनी आवश्यक है'
उन्होंने आगे लिखा कि 'मैंने सुबह ये पोस्ट लिखी थी लेकिन फिर मैंने इसे हटा दिया था क्योंकि इस पर मुझे बहुत कुछ सुनने को मिल रहा था लेकिन फिर कुछ शुभचिंतकों ने कहा कि मुझे ये पोस्ट फिर से शेयर करनी चाहिए क्योंकि इसमें कुछ ऐसी बातें हैं जिन पर चर्चा होनी आवश्यक है।'
क्या गोरा रंग ही सुंदरता है? (Sarada Muraleedharan)
शारदा मुरलीधरन ने अपने बचपन की बात भी शेयर की है और उन्होंने लिखा है कि 'ये काला रंग उनका बचपन से पीछा नहीं छोड़ रहा, वो सोचती थीं कि गोरा रंग ही सुंदरता का पर्याय है। उन्होंने अपनी मां से कहा था कि अगले जनम में मुझे गोरी पैदा करना। '
क्यों काला रंग बुरा है क्यों उसे बदसूरत कहा जाता है? (Sarada Muraleedharan)
इसके बाद शारदा मुरलीधरन ने पूछा कि 'आखिर क्यों काला रंग बुरा है ? क्यों उसे बदसूरत कहा जाता है? काला रंग तो ब्रहांड का रंग है और वो ही सत्य है। काले रंग में तो सबकुछ छिप जाता है और खिल जाता है। ये तो आंखों का रंग है, शाम की पार्टी का रंग है, काजल का रंग है, बारिश के लिए भी काले बादल ही याद आते हैं तो फिर ये बुरा कैसे हो गया? लेकिन मुझे इसे हमेशा बुरे तौर पर ही अपनाना पड़ता है आखिर क्यों?'
'कुंठित मानसिकता की देन है ये सब' (Sarada Muraleedharan)
शारदा मुरलीधरन की पोस्ट ने सोशल मीडिया पर तगड़ी बहस छेड़ दी है। सोशल प्लेटफार्म पर एक वर्ग इसे कुंठित मानसिकता की देन बता रहा है तो एक वर्ग ऐसा है जिसे ये सबकुछ स्वाभाविक लगता है।
'मेरी मां का रंग भी सांवला था'
विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीसन ने उनकी पोस्ट को इस टिप्पणी के साथ साझा किया -"शारदा मुरलीधरन को सलाम। आपने जो भी शब्द लिखे हैं, वे दिल को छू लेने वाले हैं। इस पर चर्चा होनी चाहिए। मेरी मां रंग भी सांवला था।"
पिछले सात महीनों से दुखी और परेशान (Sarada Muraleedharan)
मुरलीधरन ने यह टिप्पणी करने वाले का नाम नहीं लिया लेकिन अपनी पोस्ट से उन्होंने ये जरूर ये बताया कि वो इस तरह की टिप्पणी से बहुत आहत हैं।
तुलनाओं का "निरंतर सिलसिला" चल रहा है
अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा है कि 'वो पिछले सात महीनों में, जब से उन्होंने अपने पति की जगह मुख्य सचिव का पद संभाला है, उनके पूर्ववर्ती के साथ तुलनाओं का "निरंतर सिलसिला" चल रहा है, और वह इससे बहुत ज्यादा दुखी और परेशान हैं।'

कौन हैं शारदा मुरलीधरन? (Sarada Muraleedharan)
- शारदा मुरलीधरन इस वक्त केरल के मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत हैं।
- उन्होंने अपने पति डॉ. वी. वेणु की जगह ये पोस्ट संभाली है।
- शारदा मुरलीधरन 1990 बैच की आईएएस अधिकारी हैं।
- IAS बनने के बाद उन्हें मध्य प्रदेश कैडर मिला था।
- लेकिन डॉ वेणु से शादी होने के बाद उन्हें केरल कैडर भेज दिया गया।
- मुख्य सचिव के पहले वो लोकल सेल्फ डिपार्टमेंट में अतिरिक्त मुख्य सचिव थीं।
- पति की जगह मुख्य सचिव बनकर उन्होंने इतिहास रचा था।
- डॉ वेणु और शारदा दोनों परफेक्ट कपल कहे जाते हैं, इनके दो बच्चे हैं। बेटी क्लासिकल डांसर और बेटा कार्टूनिस्ट है।












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