तिकड़ी से डरी भाजपा, हिंदुओं को एकजुट करने के लिए RSS ने एक्टिव किए 12 विभाग
अहमदाबाद। हार्दिक पटेल और जिग्नेश मेवानी जैसे युवा नेताओं से भाजपा को मिल रही कड़ी टक्कर को देखते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) गुजरात में सक्रिय हो गया है। आरएसएस ने राज्य के अपने 12 विभागों को 'हिंदुओं को एकजुट' करने का दायित्व सौंपा है। दरअसल आऱएसएस को डर है कि हाल ही में राज्य में हुए जातिगत आंदोलन के चलते हिंदू समाज विभाजनकारी राजनीति का शिकार हो रहा है।

इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक इसे लेकर आरएसएस के ये विभाग की बहुत जल्द बैठक करने वाले हैं। माना जा रहा है कि बैठक में अपने-अपने समुदायों के नेता के तौर पर उभर रहे इन युवाओं का प्रभाव खत्म करने के लिए रणनीति पर चर्चा होगी।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के लगातार मंदिर दौरे भी आरएसएस के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। वहीं हार्दिक पटेल अपनी सभाओं में बीजेपी को वोट न देने की अपील कर रहे हैं। हार्दिक पिछले दो साल से पाटीदारों को आरक्षण दिलाने के लिए आंदोलनरत हैं।
उना में दलितों की पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हुए आंदोलन के नेता के तौर पर उभरे जिग्नेश मेवाणी हाल ही में राहुल गांधी से मिले थे। अल्पेश ठाकोर कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं और पार्टी के लिए चुनाव प्रचार कर रहे हैं।
आरएसएस के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक, "हिंदू समाज के अभिन्न अंग विभिन्न समुदायों के बीच बढ़ता वैमनस्य राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक समरसता के लिए अच्छा संकेत नहीं है। बहुतों से लोगों के निजी हित और कांग्रेस द्वारा जाति का कार्ड खेले जाने से संघ के लिए ये जरूरी हो गया है कि वो समाज को विभाजनकारी ताकतों का शिकार बनने से रोके और उसे एकजुट करे। हम लोगों से विकास के मुद्दे पर वोट देने की अपील कर रहे हैं।"
सूत्रों के मुताबिक संघ परिवार के सदस्य वोटरों तक जा रहे हैं। वे सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं से संपर्क कर रहे है। यह कैंपने सामाजिक सदभाव कैंपने का हिस्सा है। आरएसएस के मुताबिक 176 तहसील में संघ के 1400 सामाजिक सद्भाव कार्यकर्ता जमीनी स्तर काम कर रहे हैं। हर एक संघ नेता अपने नामित क्षेत्रों में घरों की यात्रा करेंगे और हिंदू समुदाय के सदस्यों के साथ बात करेंगे।












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