संदेशखाली कांड का 'सरगना' शेख शाहजहां कहां छिपा है, क्या TMC को पता है?
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना के संदेशखाली की घटना का सरगना माना जा रहा टीएमसी नेता शेख शाहजहां अबतक फरार है। राज्य की सत्ताधारी पार्टी ने अबतक संदेशखाली की घटना को जिस तरह से हैंडल किया है, उसको लेकर पहले से सवाल उठ रहे हैं। लेकिन, पार्टी के प्रवक्ता कुणाल घोष के एक दावे ने तृणमूल कांग्रेस की मंशा को लेकर संदेह और बढ़ा दिया है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी के नेता कुणाल घोष ने सोमवार को दावा किया है कि शेख शाहजहां को सात दिनों के भीतर गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

टीएमसी को पता है 7 दिन में पकड़ा जाएगा शेख शाहजहां
टीएमसी नेता ने एक्स पर लिखे एक पोस्ट में कहा है, 'शेख शाहजहां की गिरफ्तारी के बारे में अभिषेक बनर्जी सही हैं। मामला अदालत के कानूनी पचड़े में फंसा हुआ था। इस मौके का विपक्ष फायदा उठाकर राजनीति कर रहा था। आज मामले को स्पष्ट करने और पुलिस को कार्रवाई की अनुमति देने के लिए हाई कोर्ट का धन्यवाद। शाहजहां सात दिन के अंदर गिरफ्तार कर लिया जाएगा।'
संदेशखाली की महिलाओं और गरीबों का अपराधी है टीएमसी नेता
शेख शाहजहां कोई मामूली अपराधी नहीं है। उसकी वजह से आज पूरा बंगाल उबल रहा है और देशभर में सनसनी मची हुई है। वह संदेशखाली में कितने ही गरीबों, दलितों और आदिवासियों की जमीन हड़पने और उनकी महिलाओं के यौन शोषण का मुख्य आरोपी है।
5 जनवरी से फरार है टीएमसी नेता
शेख शाहजहां संदेशखाली की अनगिनत महिलाओं के साथ हुए यौन उत्पीड़न के खुलासे से पहले से ही फरार चल रहा है। उसपर 5 जनवरी को राशन घोटाले में उसके घर छापेमारी के लिए पहुंचे ईडी के अधिकारियों पर जानलेवा हमला करवाने का भी आरोप है और उसी के बाद से दुनिया की नजरों से दूर है।
शेख शाहजहां की गिरफ्तारी जरूरी है- कलकत्ता हाई कोर्ट
संदेशखाली की घटना पर जब सोमवार को कलकत्ता हाई कोर्ट ने सख्त तेवर दिखाया और कहा कि 'हम स्पष्ट करते हैं कि किसी भी कार्यवाही पर कोई स्टे नहीं है। यहां सिर्फ एक एफआईआर है और उसका (शाहजहां) नाम आरोपी के रूप में है। वह फरार है। निश्चित तौर पर उसकी गिरफ्तारी जरूरी है।'
इससे पहले सीएम ममता बनर्जी के भतीजे और पार्टी के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने यहां तक दावा कर दिया था कि कानूनी पचड़े और पुलिस की ओर से दर्ज एफआईआर पर स्थगन आदेश की वजह से शाहजहां को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता।
शाहजहां को सरकारी संरक्षण- बीजेपी
अब हाई कोर्ट से फटकार मिलने के बाद उसकी सात दिनों के अंदर गिरफ्तारी की टीएमसी नेता के दावे पर भाजपा ने आरोप लगाया है कि वह फरार नहीं हुआ था और उसे पश्चिम बंगाल सरकार से सुरक्षा मिली हुई है।
भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला का कहना है कि इस बात के प्रमाण हैं कि शेख हमेशा तृणमूल कांग्रेस की नेताओं की नजरों में रहा है। टीएमसी नेता ने मान लिया है कि आरोपी को राज्य-प्रायोजित सुरक्षी मिली हुई है।
संदेशखाली की महिलाएं कर रही हैं विरोध प्रदर्शन
आज की तारीख में संदेशखाली की सैकड़ों पीड़ित महिलाएं सड़कों पर उतर आई हैं। उनके हाथों में झाड़ू है। वह अपनी इज्जत से खिलवाड़ करने वाले टीएमसी नेताओं को खोज रही हैं। टीएमसी सरकार ने एक तरह से इस क्षेत्र को देश से अलग-थलग रखने की कोशिश की है। वहां किसी को आसानी से जाने की इजाजत नहीं दी जा रही।
महिलाओं के साथ जुर्म की कहानी पर तैयार हैं कई रिपोर्ट
वहां की महिलाओं ने टीएमसी के स्थानीय नेताओं और पुलिस के साथ उनकी मिलीभगत को लेकर पर कितने संगीन आरोप लगाए हैं, वह राष्ट्रीय महिला आयोग, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग से लेकर प्रदेश के राज्यपाल तक की रिपोर्ट में दर्ज है।
हाई कोर्ट की टिप्पणी से साफ लग रहा है कि टीएमसी के नेता खुद से यह मान बैठे थे कि इतने बड़े अपराधी की गिरफ्तारी नहीं होनी है। यही नहीं अगर टीएमसी को पता नहीं है कि उसका नेता कहां छिपा है? तो पुलिस की जगह पार्टी फोरम से उसकी गिरफ्तारी की डेडलाइन कैसे दी जा रही है?(इनपुट-एजेंसियां)












Click it and Unblock the Notifications