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Union Budget 2026: बजट से सैलरी पाने वाले टैक्सपेयर्स को क्या उम्मीदें? जानिए क्या हो सकते हैं बड़े ऐलान

Salary Walon Ke Liye Union Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार, 1 फरवरी को अपना लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश करने जा रही हैं। बजट 2026 को लेकर देशभर नौकरीपेशा लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। खासतौर पर सैलरी पाने वाले टैक्सपेयर्स को इस बार भी इनकम टैक्स, सैलरी डिडक्शन में और राहत मिलने की उम्मीद है।

पिछले साल के बजट में मिली बड़ी टैक्स छूट के बाद अब मिडिल क्लास और नौकरीपेशा वर्ग की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सरकार बजट 2026 में इनकम टैक्स को लेकर कोई नया तोहफा देगी। विस्तार से जानते हैं कि सैलरी वालों के लिए इस बार के बजट में क्या है खास...

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Union Budget 2026 Salaried Taxpayers: बजट 2025 में मिली थी बड़ी राहत

Union Budget 2025 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मध्यम वर्ग को बड़ी राहत देते हुए सालाना 12 लाख रुपये तक की आय को इनकम टैक्स से मुक्त कर दिया था। सैलरी पाने वाले कर्मचारियों के लिए यह सीमा और भी ज्यादा हो गई थी, क्योंकि ₹75,000 की स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा मिलने के बाद टैक्स-फ्री इनकम ₹12.75 लाख तक पहुंच गई थी। इस फैसले से करोड़ों टैक्सपेयर्स को सीधा फायदा हुआ और यह बजट का सबसे चर्चित ऐलान माना गया।

Budget 2026 Income Tax Expectations: हर साल बजट में सबसे ज्यादा चर्चा इनकम टैक्स पर

इनकम टैक्स हमेशा से बजट का सबसे अहम और चर्चित हिस्सा रहा है। खासकर मिडिल क्लास परिवार और नौकरीपेशा लोग हर साल बजट का बेसब्री से इंतजार करते हैं, ताकि टैक्स बोझ कम हो और जेब में थोड़ी ज्यादा राहत मिले। अब जबकि बजट 2026 में सिर्फ एक दिन का समय बचा है, टैक्स एक्सपर्ट्स और सैलरीड क्लास अपनी-अपनी उम्मीदें जाहिर कर रहे हैं।

salaried Employees Tax News: सैलरीड क्लास की प्रमुख उम्मीदें

नौकरीपेशा लोगों की सबसे बड़ी मांग स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाने की है। फिलहाल नए टैक्स रिजीम में स्टैंडर्ड डिडक्शन ₹75,000 है। माना जा रहा है कि बजट 2026 में इसे बढ़ाकर ₹1 लाख किया जा सकता है। अगर ऐसा होता है, तो नई टैक्स व्यवस्था के तहत सालाना ₹13 लाख तक की सैलरी टैक्स-फ्री हो सकती है, जिससे मिडिल क्लास को बड़ी राहत मिलेगी।

इसके अलावा, TDS (टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स) को सरल और तर्कसंगत बनाने की भी मांग जोर पकड़ रही है। नौकरीपेशा वर्ग चाहता है कि टीडीएस से जुड़े नियमों को आसान किया जाए, ताकि बार-बार रिफंड की स्थिति न बने।

FY 2025-26 के लिए इनकम टैक्स स्लैब

पुराना टैक्स रिजीम (Old Tax Regime):

  • ₹2.5 लाख तक - कोई टैक्स नहीं
  • ₹2.5 लाख से ₹5 लाख - 5%
  • ₹5 लाख से ₹10 लाख - 20%
  • ₹10 लाख से ऊपर - 30%

नया टैक्स रिजीम (New Tax Regime):

  • ₹3 लाख तक - कोई टैक्स नहीं
  • ₹3 लाख से ₹6 लाख - 5%
  • ₹6 लाख से ₹9 लाख - 10%
  • ₹9 लाख से ₹12 लाख - 15%
  • ₹12 लाख से ₹15 लाख - 20%
  • ₹15 लाख से ऊपर - 30%

पुराना बनाम नया टैक्स रिजीम

पुराने और नए टैक्स रिजीम में सबसे बड़ा फर्क स्लैब स्ट्रक्चर का है। पुराने रिजीम में स्लैब कम हैं, जबकि नए रिजीम में ज्यादा स्लैब बनाए गए हैं, जिससे कई टैक्सपेयर्स पर टैक्स का दबाव कम हो जाता है।

हालांकि, पुराने टैक्स रिजीम में कई तरह की छूट और कटौतियां (जैसे HRA, 80C, 80D आदि) मिलती हैं, जबकि नए टैक्स रिजीम में कटौतियां सीमित हैं। फिलहाल नए रिजीम में मुख्य रूप से NPS जैसी योजनाओं पर ही छूट उपलब्ध है।

बजट 2025 में इनकम टैक्स से जुड़े बड़े बदलाव

बजट 2025 में सरकार ने इनकम टैक्स को लेकर ऐतिहासिक फैसला लिया था। ₹12 लाख तक की आय को टैक्स-फ्री करना मिडिल क्लास के लिए बड़ी राहत थी। इसके साथ ही वित्त मंत्री ने New Income Tax Act, 2025 का भी ऐलान किया था, जो 1 अप्रैल से लागू होने वाला है।

बजट 2026 में क्या हो सकता है?

टैक्स एक्सपर्ट्स का मानना है कि बजट 2026 में सरकार इनकम टैक्स स्लैब में बड़े बदलाव शायद न करे। हालांकि, स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाने और TDS नियमों में राहत जैसे कदम उठाए जा सकते हैं। अगर ऐसा होता है, तो नौकरीपेशा वर्ग को एक बार फिर बजट से राहत मिलने की पूरी संभावना है। अब सबकी नजरें 1 फरवरी पर टिकी हैं, जब यह साफ होगा कि बजट 2026 सैलरीड टैक्सपेयर्स के लिए कितना फायदेमंद साबित होता है।

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