शिवसेना के बयान पर भाजपा का जवाब-सामना कोई अखबार नहीं, इस पर भरोसा ना करें
नई दिल्लीः भाजपा और शिवसेना के बीच सब कुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है। दोनों पार्टियों के नेता एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी करते रहते हैं। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के नागपुर जाने को लेकर शिवसेना नेता संजय राउत ने भाजपा पर निशाना साधा तो अब भाजपा ने शिवसेना पर पलटवार किया है।

भारतीय जनता पार्टी राम कदम का कहना है कि संजय राउत का बयान दिखाता है कि वो शरद पवार की भाषा बोल रहे हैं। भाजपा-एनडीए साल 2019 में सरकार बनाएंगी। सामना कोई न्यूजपेपर नहीं है। इसे सीरियस लेने की जरुरत नहीं है।
शिवसेना नेता संजय राउत का कहना था कि, 'हमें लगता है कि आरएसएस अपने आपको उस हालात से निपटने के लिए तैयार कर रहा है, जब भाजपा को 110 सीटें कम मिलेंगी और आरएसएस वाले प्रणब मुखर्जी को पीएम पद का उम्मीदवार घोषित करेंगे।
नागपुर के आरएसएस मुख्यालय में आयोजित किए गए कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने देश की संस्कृति और उसकी पहचान की विशेषता का उल्लेख किया और कई बातें कही।'आज गुस्सा बढ़ रहा है। हर दिन हिंसा की ख़बर आ रही है। हिंसा, गुस्सा छोड़कर हम सब शांति के रास्ते पर चलें। विविधता और टॉलरेंस में ही भारत बसता है। सिर्फ एक धर्म एक भाषा भारत की पहचान नहीं। पचास सालों में यही मैने सीखा है।'- प्रणब मुखर्जी
'विविधता में एकता भारत को ख़ास बनाता है। मैं राष्ट्र, राष्ट्रवाद और देशभक्ति पर बोलने आया हूं। हमारी राष्ट्रीय पहचान विविधता में एकता से है। भारत का राष्ट्रवाद वसुधैव कुटम्बकम से प्रभावित है।'- प्रणब मुखर्जी
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