अब पुतिन ने भी दिया अफगानिस्तान से रूसी नागरिकों को निकालने का आदेश, 500 लोग किए जाएंगे एयरलिफ्ट
नई दिल्ली, 25 अगस्त: अफगानिस्तान के हालात चिंताजनक बने हुए हैं, जहां तालिबान ने सभी राज्यों पर कब्जा कर लिया है। साथ ही नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। इस बीच सभी देश अपने नागरिकों को वहां से सुरक्षित बाहर निकाल रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी अपनी सेना को वहां पर फंसे लोगों को निकालने के आदेश दिए हैं, जिसके तहत बुधवार से ऑपरेशन शुरू कर दिया गया।

रूसी विदेश मंत्रालय के मुताबिक चार सैन्य जहाजों का उपयोग कर अफगानिस्तान में फंसे 500 से ज्यादा लोगों को बाहर निकालने का ऑपरेशन शुरू हो गया है। इसमें रूस, बेलारूस, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और यूक्रेन के नागरिक शामिल हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि रूस की सेना जल्द ही अपने लोगों को मुश्किल हालात से निकाल लेगी। वहीं दूसरी ओर कई दिनों से रूस की सेना ताजिकिस्तान में अफगान सीमा के पास युद्धाभ्यास कर रही है।
इस हफ्ते की शुरुआत में रूसी राष्ट्रपति ने साफतौर पर कह दिया था कि वो किसी को अफगानिस्तान से नहीं लाएंगे। उन्होंने कहा कि हम नहीं चाहते कि आतंकवादी यहां शरणार्थियों की आड़ में दिखें। इसके अलावा उन्होंने कुछ पश्चिमी देशों के अफगानिस्तान से शरणार्थियों को पड़ोसी मध्य एशियाई देशों में स्थानांतरित करने के विचार की भी आलोचना की थी। हालांकि अब नए आदेश के बाद उनका मन बदला हुआ नजर आ रहा है।
पीएम मोदी ने की बात
वहीं दूसरी ओर मंगलवार को पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति से बात की थी। उस दौरान दोनों में अफगानिस्तान के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। मामले में नई दिल्ली स्थित रूसी दूतावास ने कहा कि दोनों नेताओं ने अफगानिस्तान से उत्पन्न होने वाली 'आतंकवादी विचारधारा' और नशीली दवाओं के खतरों के प्रसार का मुकाबला करने के लिए सहयोग बढ़ाने के अपने इरादे को दोहराया है।












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