यूक्रेन में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए 'दूसरा' प्लान, ऐसे सुरक्षित होगी वतन वापसी
नई दिल्ली, 25 फरवरी: यूक्रेन में रूस की सेना के हमले के बाद वहां की स्थिति काफी भयावह हो गई है। ऐसे में युद्धग्रस्त देश में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए मोदी सरकार ने कदम बढ़ा दिए हैं। यूक्रेन पर हमला के बाद वहां का एयर स्पेस पूरी तरह से बंद हो गया है, ऐसे में भारत सरकार ने यूक्रेन में फंसे अपने लोगों को मौजूदा खतरे से बाहर निकालने के लिए दूसरा प्लान बनाया है।
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ऐसे में एयर इंडिया यूक्रेन से भारतीय नागरिकों को बुखारेस्ट के रास्ते एयरलिफ्ट करने के लिए शनिवार को तड़के दो बजे दो फ्लाइट भेज रही है। भारतीय निकासी दल (Indian evacuation team) रोमानियाई बॉर्डर पर पहुंच गया है, जो यूक्रेन की राजधानी कीव से लगभग 12 घंटे की ड्राइव पर है। कारण भारतीयों को सुरक्षित स्वदेश लाने के लिए बुखारेस्ट से वो फ्लाइट पर सवार होंगे।
इस बीच खबर है कि कई भारतीय नागरिकों ने यूक्रेन की कीव में भारतीय दूतावास में शरण ली है। हालांकि एबेंसी परिसर के आसपास गोलाबारी की भी खबरें हैं, लेकिन कोई नुकसान नहीं हुआ है। दरअसल, जब से रूसी राष्ट्रपति पुतिन की सेना ने यूक्रेन पर हमला किया है, तब से विदेश मंत्रालय ने पूरी एयरलिफ्ट प्रक्रिया की निगरानी के लिए दिल्ली 24x7 कंट्रोल रूम स्थापित किया है। इससे पहले विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को यूक्रेन में फंसे भारतीयों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं।
कीव में भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए एक एडवाइजरी जारी करते हुए कहा गया है कि वे जहां भी हों, शांत रहें। इसी के साथ उन्हें वैकल्पिक मार्ग के माध्यम से एयरलिफ्ट करना का भरोसा दिया है। बता दें कि विदेश मंत्रालय यूक्रेन के छात्रों सहित लगभग 18,000 भारतीयों को वापस लाने के लिए काम कर रहा है।












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