ऋचा चड्ढा ने मोदी सरकार पर दागा ये सवाल, कहा-हमारे टैक्स-डोनेशंस का क्या हुआ?
ऋचा चड्ढा ने कहा-हमारे टैक्स-डोनेशंस का क्या हुआ?Richa Chadha said Why is the opposition having to pay tho? What of our taxes and donations ?
नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ जारी लड़ाई में लागू किए गए लॉकडाउन की वजह से मजदूर लंबे वक्त से फंसे हुए थे। लॉकडाउन के करीब डेढ़ महीने बाद उन्हें घर जाने की इजाजत मिली, तो केंद्र सरकार ने रेल किराये का सारा खर्च मजदूरों से वसूलने का फैसला लिया। इस पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई और इसी बीच कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने ऐलान कर दिया कि कांग्रेस पार्टी सभी जरूरतमंद मजदूरों के रेल टिकट का खर्च उठाएगी। उन्होने कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी की हर इकाई श्रमिक-कामगार के घर लौटने की रेल यात्रा के टिकट का खर्च उठाएगी और जरूरी कदम उठाएगी। इसके बाद एक्ट्रेस ऋचा चड्ढा ने मोदी सरकार पर सवाल उठाते हुए एक ट्वीट किया हैं। एक्ट्रेस ऋचा चड्ढा ने कहा विपक्ष को पैसा क्यों देना पड़ रहा है? हमारे करों और दान का क्या?

ऋचा ने मोदी सरकार से ये सवाल किया हैं
गौरतलब है कि 24 मार्च को जब लॉकडाउन लागू हुआ था, तब लाखों की संख्या में मजदूर जहां पर थे वहां पर ही फंस गए थे। उसके बाद अब करीब 40 दिन के बाद उन्हें घर जाने की इजाजत मिली है, राज्य सरकारों के निवेदन पर केंद्र सरकार ने इसके लिए स्पेशल ट्रेन की मंजूरी दी है। लेकिन इस दौरान मजदूरों के किराये का वहन राज्य सरकार उठाएगी, जो कि मजदूरों से ही लिया जाएगा। रेल मंत्रालय के इस फैसले की काफी आलोचना की गई है, ना सिर्फ राजनीतिक दल और राज्य सरकारों ने इसका विरोध किया है बल्कि सोशल मीडिया पर भी इसकी आलोचना हुई है। इसी क्रम में अब एक्ट्रेस ऋचा ने मोदी सरकार से ये सवाल किया हैं।

कोरोना संकट में ऋचा ने ऐसे की थी जरुरतमंदों की मदद
मालूम हो कि कारोनावायरस से जंग लड़ रहे देश में बहुत से लोग मदद के लिए आगे आए। इसमें देश के नामी उद्योगपतियों से लेकर कई बॉलवुड स्टार्स ने सरकार के राहत फंड में और अन्य राहत फंड में करोंडों रुपये डोनेट किया था और बॉलीवुड आदाकार ऋचा चड्ढा भी मदद की थी। उन्होने जरुरतमंद लोगों की मदद के लिए गुरुद्वारें में खाने के लिए राशन दान किया था। ऋचा ने लोगों को भी दान करने की अपील की। उन्होंने तब बताया था कि जब उन्होंने गुरुद्वारें से पैसे स्वीकार करने के लिए कहा तो उन्होंने पैसा लेने से इंकार कर दिया था और राशन स्वीकार करने की बात कहीं थी इसलिए मैंने राशन खरीद कर पहुंचाया। गरीब मजदूरों को उनके घर पहुंचाने के लिए किरया वसूलने पर मोदी सरकार से ऋचा ने सोशल मीडिया पर ये प्रश्न उठाया हैं।

कांग्रेस ने उठाए हैं ये सवाल
गौरलतब है कि सोमवार को जारी किए गए एक बयान में कहा गया है कि सिर्फ चार घंटे के नोटिस पर लॉकडाउन लागू होने की वजह से देश के मजदूर अपने घर वापस जाने से वंचित रह गए। 1947 के बाद देश ने पहली बार इस तरह का मंजर देखा जब लाखों मजदूर पैदल ही हजारों किमी. चलकर घर जा रहे थे। सोनिया गांधी ने बयान में कहा कि जब हम लोग विदेश में फंसे भारतीयों को बिना किसी खर्च के वापस ला सकते हैं, गुजरात में एक कार्यक्रम में सरकारी खजाने से 100 करोड़ रुपये खर्च कर सकते हैं, अगर रेल मंत्रालय प्रधानमंत्री राहत कोष में 151 करोड़ रुपये दे सकता है तो फिर मुश्किल वक्त में मजदूरों के किराये का खर्च क्यों नहीं उठा सकता है?
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