भारतीय विमानों के लिए एयरस्पेस का दायरा बढ़ाएगी सरकार, 6 एयरपोर्ट्स की होगी नीलामी
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार चौथे दिन 20 लाख के आर्थिक पैकेज को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। निर्मला सीतारमण ने कहा, आज हम कोयला, खनिज, रक्षा, उत्पादन, हवाई क्षेत्र प्रबंधन, MROs बिजली वितरण कंपनियां, अंतरिक्ष क्षेत्र, परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने जा रहे हैं। अपनी घोषणाओं के दौरान वित्त मंत्री ने कोयला क्षेत्र में 50,000 करोड़ रुपये का निवेश करने का ऐलान किया साथ ही साथ भारतीय एयर स्पेस सिविल एविएशन को लेकर कई बड़े ऐलान किए।
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गौरतलब है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बीते बुधवार से ही लगातर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अलग-अलग क्षेत्रों, उद्योगों और वर्ग को मिलने वाले आर्थिक पैकेज का ऐलान कर रही हैं। शनिवार को उन्होंने कोयला, खनिज, रक्षा, उत्पादन, हवाई क्षेत्र प्रबंधन सहित 8 क्षेत्रों को मिलने वाली राहत पैकेज का ऐलान किया। भारतीय एयर स्पेस को लेकर उन्होंने कहा, इंडियन एयर स्पेस के उपयोग पर प्रतिबंध को कम किया जाएगा ताकि नागरिक उड़ान अधिक कुशल हो। इससे विमानन क्षेत्र को प्रति वर्ष 1000 करोड़ रुपये का कुल लाभ होगा।
वित्त मंत्री ने आगे कहा, सरकार सुनिश्चित करेगी कि इंडियन एयरक्राफ्ट्स का मेंटेनेंस और रिपेयरिंग भारत में ही हो। एयरलाइंस की लागत कम हो, उस दिशा में कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने आगे कहा, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के आधार पर संचालन और रखरखाव के लिए 6 में से 3 हवाई अड्डों को सम्मानित किया है। इसके अलवा 12 हवाई अड्डों में निजी कंपनियों द्वारा 13,000 करोड़ रुपए अतिरिक्त निवेश पहले और दूसरे चरण में आने की उम्मीद है।
वित्त मंत्री ने कहा, फिलहाल मात्र 60 फीसदी भारतीय एयर स्पेस सिविल एविएशन के लिए है। इस स्पेस का ठीक उपयोग हो, फ्यूल बचे, कम से कम समय में यात्रा स्थान तक पहुंचें, इसके लिए काम होगा। निर्मला सीतारमण ने पीपीपी मॉडल के तहत 6 नए एयरपोर्ट्स की नीलामी किए जाने की भी बात कही है।
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