राहुल गांधी की पीएम मोदी से अपील, कहा- पैकेज नहीं सीधे जेब में पैसा दे सरकार
नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी ने शनिवार को क्षेत्रीय पत्रकारों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कोरोना वायरस लॉकडाउन के बीच, सरकार द्वारा जारी पैकेज पर सवाल खड़े किए। राहुल गांधी ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से न्याय योजना को लागू करने की मांग की। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार मजदूरों को पैकेज नहीं उनके खाते में सीधा पैसा दें।
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राहुल गांधी ने कहा कि कोई बच्चा जब रोता है तो मां उसे लोन नहीं देती, बल्कि उसे चुप कराने का उपाय निकालती है, उसे ट्रीट देती है। सरकार को साहूकार नहीं, मां की तरह व्यवहार करना होगा।। कर्ज का पैकेज नहीं होना चाहिए था, बल्कि किसान, मजदूरों की जेब में तुरंत पैसे दिए जाने की आवश्यकता है। राहुल ने कहा कि डिमांड को स्टार्ट करने के लिए अगर हमने पैसा नहीं दिया तो बहुत बड़ा आर्थिक नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि 'प्यार से बोल रहा हूं, इस पैकेज को सरकार रिकंसीडर करे। आज हमारी जनता को पैसे की जरूरत है। प्रधानमंत्री जी इस पैकेज पर पुनर्विचार करें। प्रत्यक्ष नकद हस्तांतरण, मनरेगा के कार्य दिवस 200 दिन, किसानों को पैसा आदि के बारे में मोदी जी विचार करें, क्योंकि ये सब हिंदुस्तान का भविष्य है।
राहुल गांधी ने कहा कि, पूरा देश इस समय एक मुश्किल दौर से गुजर रहा है। लोगों को आज पैसे की जरूरत है। ऐसे में सरकार को साहूकार के जैसे काम नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को लगता है कि अगर हमारा राजकोषीय घाटा बढ़ जाएगा तो विदेश की जो एजेंसियां हैं, वे हमारी रेटिंग कम कर देंगी। लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि हिन्दुस्तान की जो रेटिंग है वो हिन्दुस्तान के लोगों से है। इसलिए सरकार को विदेश के बारे में सोचकर काम नहीं करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि, हम अपने राज्यों में सीधे पैसे दे रहे हैं। हम मनरेगा को डबल करने की कोशिश कर रहे हैं। ये तूफान अभी आया नहीं है, ये सामने आ रहा है। ये तूफान आर्थिक है। मैं आप लोगों से बात करके सरकार पर दबाव बनाना चाहता हूं कि आप सीधे खातों में पैसे डालिए। अगर आप थोड़ा दवाब डालेंगे तो सरकार सुन भी सकती है। विपक्ष का काम सरकार पर दबाव डालने का है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि इस वक्त सबसे बड़ी जरूरत डिमांड-सप्लाई को शुरू करने की है। उन्होंने कहा कि आपको गाड़ी चलाने के लिए तेल की जरूरत होती है। जबतक आप कार्बोरेटर में तेल नहीं डालेंगे, गाड़ी स्टार्ट नहीं होगी। मुझे डर है कि जब इंजन शुरू होगा तो तेल ना होने की वजह से गाड़ी चलेगी ही नहीं। उन्होंने केरल में कोरोना वायरस पर कंट्रोल की तारीफ की और कहा कि वह एक मॉडल स्टेट है और बाकी राज्य उससे सबक ले सकते हैं।












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