Namibian Cheetah : Boeing 747 में ऐसे भारत पहुंचे चीते, रवीना टंडन बोलीं- थैंक्यू PM, खूबसूरत बर्थडे गिफ्ट
नामीबिया से भारत लाए गए चीतों को पीएम मोदी ने कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा। विशेष विमान बोइंग 747 से चीते लाए गए। विमान की इनसाइड व्यू सामने आई है। Raveena Tandon Cheetahs from Namibia to India Boeing 747 Inside view
नई दिल्ली, 17 सितंबर : भारत में वन्यजीव प्रेमी इस बात से आह्लादित हैं कि चीते एक बार फिर हमारे देश में अपना अस्तित्व तलाशने की शुरुआत करेंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि 70 साल पहले विलुप्त हुआ चीता अब एक बार फिर भारत के नेशनल पार्क में देखा जा सकेगा। पीएम मोदी ने नामीबिया से विशेष विमान से लाए गए आठ चीतों को मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा। शाम में एक अन्य कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा, भारत अब कबूतर नहीं चीते छोड़ता है। चीतों को बोइंग 787 विमान से लाया गया। अभिनेत्री रवीना टंडन ने विमान की इनसाइजड वीडियो शेयर की है।

पीएम मोदी ने चीतों संग बर्थडे मनाया
सरकार का मानना है कि चीता भारत में खुले जंगल और घास के मैदान के पारिस्थितिकी तंत्र को बहाल करने में मदद करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर विशेष विमान बोइंग 747 से चीतों को जयपुर लाया गया। जयपुर से हेलीकॉप्टर से चीतों को एमपी के कूनो नेशनल पार्क लाया गया।

चीता भारत में सात दशकों के बाद !
विलुप्त होने के सात दशक बाद भारत लाए गए चीतों को शनिवार को पीएम मोदी ने मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान को सौंपा। प्रधानमंत्री ने कहा, "प्रोजेक्ट चीता के तहत सात दशक पहले विलुप्त होने के बाद देश में चीतों को फिर से लाया गया। पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में हम प्रयास कर रहे हैं।"

रवीना ने प्रधानमंत्री को थैंक्यू कहा
तीन चीतों को महत्वाकांक्षी चीता परियोजना के हिस्से के रूप में MP के कूनो नेशनल पार्क में छोड़े जाने के बाद अभिनेत्री रवीना टंडन ने इसे पीएम मोदी द्वारा खूबसूरत बर्थडे गिफ्ट करार दिया। रवीना ने प्रधानमंत्री को थैंक्यू भी कहा।

चीते विमान में कैसे रखे गए
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर पोस्ट की गई वीडियो के साथ रवीना ने लिखा, बोइंग 747 के अंदर का नजारा। अफ्रीका के नामीबिया से भारत लाए गए चीतों की फ्लाइट वाली वीडियो क्लिप में पिंजरों के दृश्य देखे जा सकते हैं। चीतों को बेहोश करने के बाद विमान में रखा गया था।

ऐसे विमान में आए चीते
चार बॉक्स प्लेन के एक हिस्से में रखे गए। बाकी चार को दूसरे हिस्से में रखा गया। वीडियो में जो आवाज सुनी जा रही है, इसके अनुसार वीडियो विमान के भारत में उतरने से कुछ क्षण पहले शूट किया गया है। विमान के एक भाग में कुछ लोगों के बैठने का भी इंतजाम किया गया।

चीतों के भारत आने का फायदा
जानकारों का मानना है कि चीता भारत में खुले जंगल और घास के मैदान के पारिस्थितिकी तंत्र बहाल करने में मदद करेंगे। चीतों की वापसी से जैव विविधता के संरक्षण और जल सुरक्षा, कार्बन पृथक्करण और मिट्टी की नमी संरक्षण जैसी पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं को बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। बड़े पैमाने पर समाज को भी इसका लाभ होगा।
नीचे देखें विमान में चीते की वीडियो--
ईरान के बदले नामीबिया से आए चीते
बता दें कि भारत में प्रोजेक्ट चीता पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीव संरक्षण के लिए प्रधानमंत्री अपनी प्रतिबद्धता जाहिर कर चुके हैं। इसी के अनुरूप नामीबिया से 8 चीते लाए गए। इनके आने से स्थानीय समुदाय के लिए आजीविका के अवसरों को भी बढ़ावा देगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक पहले मीडिल ईस्ट से चीते भारत लाए जाने थे, लेकिन ईरान और भारत के बीच सहमति नहीं बनी। ईरान ने भारत से बदले में शेरों की मांग की थी।












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