कौन हैं दलित कारसेवक कामेश्वर चौपाल, जिन्होंने 30 साल पहले अयोध्या में राम मंदिर की रखी थी नींव

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट के नाम का ऐलान किया था। इस ट्रस्ट का नाम 'श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र' होगा। वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने जानकारी दी थी कि 'राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र' ट्रस्ट में 15 ट्रस्टी होंगे जिसमें से एक ट्रस्टी हमेशा दलित समाज से रहेगा।' दरअसल, 30 साल पहले राम मंदिर की नींव दलित समाज से आने वाले कामेश्वर चौपाल ने रखी थी। कामेश्वर चौपाल बिहार के सुपौल के रहने वाले हैं।

कामेश्वर चौपाल ने रखी थी पहली ईंट

कामेश्वर चौपाल ने रखी थी पहली ईंट

1989 में राम मंदिर के शिलान्यास के लिए अयोध्या में विहिप के कामेश्वर चौपाल ने पहली ईंट रखी थी। उस वक्त कामेश्वर चौपाल विहिप के संयुक्त सचिव हुआ करते थे। वे बाद में बिहार से बीजेपी के एमएलसी भी रहे। कामेश्वर चौपाल श्रीराम लोक संघर्ष समिति के बिहार के संजोयक और बीजेपी के प्रदेश महामंत्री भी रह चुके हैं। अयोध्या में राम मंदिर के शिलान्यास के वक्त राजीव गांधी देश के प्रधानमंत्री थे। कामेश्वर चौपाल राम विलास पासवान के खिलाफ भी चुनाव लड़ चुके हैं, हालांकि तब उनको हार मिली थी।

1989 में रखी गई थी मंदिर की नींव

1989 में रखी गई थी मंदिर की नींव

नवंबर 1989 में अयोध्या में शिलान्यास का कार्यक्रम रखा गया था। कामेश्वर चौपाल तब अयोध्या में ही थे। उनको मैसेज मिला कि शिलान्यास के लिए उन्हें चुना गया है। शिलान्यास के वक्त विहिप के बड़े-बड़े नेता वहां मौजूद थे। राम मंदिर की नींव रखने के बाद कामेश्वर चौपाल ने तब कहा था कि जैसे श्रीराम को शबरी ने बेर खिलाया था, वैसा ही मान-सम्मान उनको भी मिला है। बता दें कि भारत सरकार ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र' ट्रस्ट की स्थापना से संबंधित राजपत्र अधिसूचना जारी कर दी है।

मुस्लिम पक्ष को 5 एकड़ जमीन देने का ऐलान

मुस्लिम पक्ष को 5 एकड़ जमीन देने का ऐलान

ट्रस्ट का नाम 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र' रखा गया है। ट्रस्ट को आर-20, ग्रेटर कैलाश पार्ट-1 नई दिल्ली, 110048 के पते पर रजिस्टर्ड कराया गया है। राम मंदिर ट्रस्ट के गठन को मंजूरी मिलते ही योगी सरकार ने मस्जिद के लिए भी पांच एकड़ जमीन देने का ऐलान कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में मुस्लिम पक्ष को मस्जिद बनाने के लिए अयोध्या में ही दूसरी जगह 5 एकड़ जमीन देने के लिए केंद्र सरकार को निर्देश दिया था। ट्रस्ट को केंद्र की ओर से 1 रुपये का नकद दान भी मिला जो ट्रस्ट को मिला पहला दान है।

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