राज्यसभा चुनाव: कैसे पता चला कांग्रेस विधायकों ने दिए भाजपा को वोट, जानें पूरी प्रक्रिया
नई दिल्ली। गुजरात में राज्यसभा की 3 सीटों के लिए चुनाव संपन्न हो गए। यहां भारतीय जनता पार्टी के 3 और कांग्रेस से 1 प्रत्याशी मैदान में था। भाजपा से जहां खुद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और बलवंत सिंह राजपूत मैदान में हैं वहीं कांग्रेस की ओर से सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल मैदान में हैं। माना जा रहा है कि शाह और ईरानी की जीत तय है लेकिन राजपूत और पटेल में कांटे की टक्कर है।
Recommended Video

इन चुनावों में क्रॉस वोटिंग यानी दूसरे दल के प्रत्याशी को भी कई विधायक वोट देते हैं। लेकिन यह पता कैसे चलता है? यूं तो हम सब जानते हैं कि मतदान गुप्त होता है लेकिन राज्यसभा के चुनाव के दौरान यह परिस्थिति नहीं होती। तो आईए आपको बताते हैं कि यह कैसे पता चलता है कि किस पार्टी के विधायक ने क्रॉस वोटिंग की है।

यहां से शुरू है दास्तां
औपनिवेशक काल के दौरान भारत सरकार अधिनियम, 1919 के अंतर्गत साल 1921 में पहली बार काउंसिल ऑफ स्टेट्स अस्तित्व में आया, जिसका गवर्नर-जनरल पदेन अध्यक्ष होता था। बाद में साल 1954 की 23 अगस्त को संविधान सभा में निर्णय के बाद उप-राष्ट्रपति को इसका पदेन सभापति तय किया गया।

250 सदस्यों की राज्यसभा
संविधान के अनुच्छेद संख्या 80 के अनुसार राज्यसभा में 250 सदस्य होते हैं जिसमें 238 तमाम दलों और 12 भारत के राष्ट्रपति की ओर से मनोनीत किए जाते हैं। 238 लोग चौथी अनुसूची के अनुसार राज्य की आबादी के आधार पर राज्यों से चुने जाते हैं।

राज्य सभा एक स्थायी सदन
बता दें कि राज्य सभा एक स्थायी सदन है और यह कभी भंग नहीं होता। हालांकि प्रत्येक दो वर्ष बाद राज्य सभा के एक-तिहाई सदस्य सेवा-निवृत्त हो जाते हैं। इसके बाद या तो ये दोबारा चुन कर आते हैं या फिर इनकी जगह कोई और सदन में आता है। निर्वाचित सदस्य छह वर्षों के लिए चुना जाता है। (तस्वीर में मंगलवार को गुजरात विधानसभा में मतदान करते कांग्रेस नेता)

होना चाहिए भारत का नागरिक
संविधान के अनुच्छेद 84 में संसद की सदस्यता के लिए कुछ मानक तय किए गए हैं। इसमें भारत का नागरिक होना चाहिए, कम से कम तीस वर्ष की आयु होनी चाहिए। यदि कोई भारत का नागरिक नहीं है या फिर उसने अपनी इच्छानुसार किसी दूसरे देश की नागरिकता स्वीकार कर ली है तो उसे राज्यसभा का सदस्य बनाए जाने के योग्य नहीं माना जाएगा। राज्यसभा सदस्य का चुनाव करने का अधिकार केवल विधानसभा सदस्य को ही करने का अधिकार होता है।
(तस्वीर में मंगलवार को गुजरात विधानसभा में मतदान करते अमित शाह)

182 विधायक गुजरात में
गुजरात विधानसभा सदस्यों की संख्या 182 विधायकों की है। कांग्रेस के 6 सदस्यों के इस्तीफे के बाद संख्या 176 तक सीमित रह गई है। विधानसभा में भाजपा के 121,कांग्रेस के 51, NCP के 2, जदयू से 1 और 1 विधायक निर्दलीय है। इस चुनाव में जीत के लिए प्रत्येक प्रत्याशी को 45 मत की आवश्यकता है।

तो ऐसे चलता है पता क्रॉस वोटिंग के बारे में
बता दें कि राज्यसभा चुनाव में विधायक को अपना मतपत्र मतपेटी में डालने से पहले उसे पार्टी के अधिकृत एजेंट को दिखाना पड़ता है। चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक अगर विधायक पार्टी के निर्देश का उल्लंघन कर किसी अन्य के लिए वोट डालता है या नोटा का प्रयोग करता है तो उसे विधायक के रूप में अयोग्य नहीं करार किया जा सकता।












Click it and Unblock the Notifications