साढ़े तीन साल में आतंकवाद और नक्सलवाद आधा खत्म, 2022 तक बिल्कुल सफाया कर देंगे: राजनाथ सिंह
साढ़े तीन साल में आतंकवाद और नक्सलवाद आधा खत्म, 2022 तक बिल्कुल सफाया कर देंगे: राजनाथ सिंह
लखनऊ। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि 2022 तक देश से उग्रवाद और नक्सलवाद की समस्या को दूर कर देंगे। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के बीते साढ़े तीन साल के कार्यकाल में आतंकवाद, नक्सलवाद और उग्रवाद कम हुआ है। हिन्दुस्तान टाईम्स के शिखर समागम कार्यक्रम में बोलते हुए राजनाथ सिंह ने शनिवार को ये बातें कहीं। राजनाथ सिंह ने देश के दूसरे भी कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी। राजनाथ सिंह ने कहा कि नोटबंदी से कश्मीर में पत्थरबाजी की घटनाओं में कमी आई है। वहीं देश से 55 फीसदी तक नक्सलवाद और 70 फीसदी तक उग्रवाद सिमट चुका है। इनका असर 100 जिलों से घटकर छह-सात जिलों में ही रह गया है।

कश्मीरी पंडितों का पुनर्वास की बात पर राजनाथ सिंह ने कहा कि इस पर कुछ मामलों पर सहमति बनी है। जो गतिरोध हैं, उसे दूर करने का काम हो रहा है। जमीन का आवंटन भी हो चुका है। कश्मीर की समस्या को लेकर सिंह ने कहा कि कश्मीर समस्या का हल वो कश्मीर के लोगों को विश्वास में लेकर करना चाहते हैं। हुर्रियत नेताओं को सुरक्षा पर दिए जाने पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यह सुरक्षा देती है। हम केवल निर्देश दे सकते हैं।
जीएसटी पर लगातार विरोध पर राजनाथ सिंह ने अपनी सरकार का बचाव करते हुए कहा कि योजना में संशोधन लोगों की सहूलियत के अनुसार किया जाता है। उन्होंने कहा कि हमने कोई नीति बनाई और लगा कि कोई कमी रह गई है तो उसके सुधार करने की जगह हम छोड़कर चलते हैं। जीएसटी लोगों की सहूलियत के लिए है। यहां तानाशाही जैसी व्यवस्था नहीं, जो किसी की बात सुनी समझी न जाए।
राजनाथ सिंह ने कहा कि साढ़े तीन साल की मोदी सरकार के कामों विदेशों में भी भारत की छवि सुधरी है। दुनिया हमें आर्थिक और सामरिक ताकत के तौर पर पहचानने लगी है। जीएसटी-नोटबंदी से हम जो कुछ करना चाह रहे थे वह काफी हद तक सफलता मिली है। कठोर फैसलों से कुछ समय के लिए कुछ संकट दिखेगा लेकिन दीर्घकाल में यह फायदा पहुंचाए। गोरक्षा के सवाल पर उन्होंने कहा कि राज्यों की जिम्मेदारी है कि इससे सख्ती से निपटें।












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