रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का दावा- मैंने कृषि बिलों को पढ़ा है, किसानों को इससे लाभ होगा
नई दिल्ली। संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा में पारिए किए गए कृषि विधेयकों को विरोध में शुक्रवार को देशभर के किसान संगठनों ने भारत बंद बुलाया। इस दौरान कई स्थानों पर किसानों ने बड़ी संख्या में चक्काजाम किया और रेल रास्तों को भी अवरुद्ध किया। एक तरफ सरकार किसानों को अध्यादेश के बारे में संतुष्ट नहीं कर पा रही है वहीं, विपक्ष भी इस विरोध प्रदर्शन में किसानों का साथ दे रहा है। इस बीच केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कृषि बिलों को लेकर बड़ा दावा किया है।

शनिवार को एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दावा किया कि उन्होंने कृषि बिलों का अच्छे से अध्ययन किया है। रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि किसान उनकी बात का भरोसा करें कि उन्हें सरकार द्वारा पास कराए गए बिलों से लाभ होगा। राजनाथ सिंह ने आगे कहा, 'हमरी सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं कि किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिले। मैंने बिलों का अध्ययन किया है, और मैं कह रहा हूं कि किसानों को इससे लाभ होगा। लेकिन, कुछ लोग किसानों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।'
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने रक्षा क्षेत्र में भारत को और अधिक मजबूत बनाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की भी जानकारी दी है। उन्होंने कहा, 'भारत ने रक्षा क्षेत्र में 74 प्रतिशत तक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति दी है। हमारी सरकार द्वारा यह एक बड़ा नीतिगत निर्णय है। अगले 3-5 दिनों में, हम नई रक्षा उत्पादन और खरीद नीति लाएंगे।'
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पंजाब-हरियाणा में MSP पर तुरंत शुरू होगी धान की खरीद
इस बीच किसान के प्रदर्शनों को देखते हुए केंद्र सरकार ने शनिवार को एक बड़ा फैसला लिया। जिसके तहत पंजाब और हरियाणा में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर धान की खरीद तत्काल शुरू करने की घोषणा की गई है। उम्मीद है सरकार के इस फैसले के बाद किसानों का गुस्सा काफी हद तक शांत हो जाएगा। केंद्रीय खाद्य मंत्रालय के मुताबिक आमतौर पर धान की खरीद 1 अक्टूबर से शुरू की जाती है, लेकिन हरियाणा और पंजाब की मंडियों में आवक को देखते हुए इसे तत्काल प्रभाव से शुरू किया जा रहा है। आज यानी 26 सितंबर से पंजाब-हरियाणा के किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की फसल बेच सकते हैं।












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