पायलट गुट को हाईकोर्ट से मिली फौरी राहत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे राजस्थान विधानसभा के स्पीकर
नई दिल्ली। राजस्थान में मचे सियासी घमासान के बीच प्रदेश विधानसभा के स्पीकर सीपी जोशी ने सचिन पायलट के खेमे के बागी विधायकों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सीपी जोशी ने कहा कि स्पीकर के पास पूरा अधिकार है कि वह वो कारण बताओ नोटिस जारी कर सकता है। मैंने अपने वकील से कहा है कि वह सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर करें। स्पीकर की जिम्मेदारियों का देश के संविधान और सुप्रीम कोर्ट ने बहुत ही स्पष्ठ व्याख्या की है। बतौर स्पीकर मुझे एक याचिका प्राप्त हुई और मैंने इसकी जानकारी मांगी, जिसके बाद मैंने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अगर स्पीकर कारण बताओ नोटिस नहीं जारी कर सकता है तो आखिर उसके पास किस बात का अधिकार है।
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बता दें कि विधानसभा स्पीकर ने सचिन पायलट समेत कांग्रेस के 19 बागी विधायकों को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में अयोग्य ठहराने के लिए नोटिस भेजकर जवाब मांगा था। इस नोटिस के खिलाफ पायलट ग्रुप ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था विधानसभा स्पीकर द्वारा जारी अयोग्यता नोटिस के खिलाफ सचिन पायलट और कांग्रेस के 18 अन्य बागी विधायकों की याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो चुकी है। राजस्थान के सियासी घटनाक्रम पर हाई कोर्ट अब 24 जुलाई को फैसला सुनाएगा। मंगलवार को उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट गुट की याचिका पर दोपहर दो बजे हुई सुनवाई में उच्च न्यायालय ने स्पीकर को तब तक के लिए विधायकों पर कार्रवाई नहीं करने को कहा है।
सुनवाई के बाद सीएम अशोक गहलोत ने भी अपने समर्थक विधायकों की तारीफ करते हुए कहा कि आपको अभी कुछ दिन और होटल में रहना पड़ सकता है। बता दें कि सचिन पायलट गुट की याचिका पर उच्च न्यायालय ने शुक्रवार से सुनवाई शुरू की थी। इसके बाद सोमवार और मंगलवार को भी याचिका पर कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनी। मंगलवार की सुबह 10:30 बजे की सुनवाई में सचिन पायलट के वकील मुकुल रोहतगी ने कोर्ट में कहा था कि सचिन पायलट और अन्य विधायकों के खिलाफ शिकायत वाले दिन ही विधानसभा अध्यक्ष द्वारा अयोग्यता नोटिस जारी कर दिया गया। नोटिस जारी करने के लिए कोई कारण दर्ज नहीं किया गया और नियमों के अनुसार उन्हें कोरोना संकट में नोटिस का जवाब देने का भी समय नहीं दिया गया।












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