राजस्थान और महाराष्ट्र पीएम मोदी की इस स्कीम को लागू करने के पक्ष में नहीं
नई दिल्ली। बीजेपी शासित प्रदेश राजस्थान और महाराष्ट्र राज्यों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वकांक्षी स्वास्थ्य योजना 'आयुष्मान भारत-राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना' (AB-NHPS) को लागू करने के लिए अनिच्छा जाहिर की है। पीएम मोदी की इस स्कीम को लागू करने के लिए जहां एक तरफ राजस्थान सरकार असमंजस में है, तो वहीं महाराष्ट्र सरकार ने इसे लागू करने के लिए अपने कदम पीछे खींच लिए हैं।

स्वास्थ्य सुधार के लिए बनाई गई केंद्र की इस योजना को राजस्थान सरकार ने वेलकम जरूर किया था, लेकिन राज्य में पहले से चल रही भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना की वजह से आयुष्मान भारत स्कीम को लागू करने में दिक्कत हो रही है। राजस्थान सरकार के मुताबिक, भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना में कैशलेस हेल्थ केयर के अंतर्गत 4.5 करोड़ लोगों को सर्विस दी जा रही है।
वहीं, केंद्र सरकार की इस स्कीम के अंतर्गत इंश्योरेंस कंपनी के साथ अगले साल तक कॉन्ट्रैक्ट चलेगा। इसलिए, बीजेपी शासित राज्य राजस्थान सरकार असमंजस में पड़ी हुई है कि केंद्र की इस स्कीम को कैसे लागू किया जाए, जिससे राज्य में पहले से चल रही स्वास्थ्य योजना डिस्टर्ब न हो।
उधर महाराष्ट्र की फडणवीस सरकार आयुष्मान भारत को लागू नहीं कर पाने में फंड की कमी का हवाला दिया है। महाराष्ट्र में महात्मा ज्योतिबा फुले जन आरोग्य योजना के तहत 2.2 करोड़ लोगों को दो लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराया गया है। वहीं इससे पहले ओडिशा 'बीजू स्वास्थ्य कल्याण योजना' लागू होने के कारण पहले ही 'आयुष्मान भारत' को लागू करने से इनकार कर चुका है।
मोदी सरकार की इस आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत हर साल 10 करोड़ परिवारों को मदद मिलती है, जिसमें हर परिवार को 5 लाख रुपये की मदद मिलती है। सीईसीसी डेटा के मुताबिक, इस स्कीम के तहत शहरों के 2.33 करोड़ और गावों के 8.3 करोड़ परिवारों की मदद का लक्ष्य रखा गया है।












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