रेल बजट से जुड़ी इन खास बातों पर आम आदमी का सहयोग बेहद जरूरी
नई दिल्ली। केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु के रेल बजट से देश भर के अखबार पटे हुए हैं। हर जगह यही चर्चा है कि इस बार ट्रेनें नहीं बढ़ायी गईं और न ही रेल किरये में इजाफा किया गया। खैर कुछ खास बात हैं, जो जानना हर नागरिक के लिये जरूरी है। यहां हम उन बातों पर भी बात करेंगे, जिनमें आप यानी आम आदमी का सहयोग बेहद जरूरी है। [रेल बजट के मुख्य अंश]
चार लक्ष्य
- यात्रियों को दी जाने वाली सुविधाओं की क्वालिटी बढ़ाना।
- ट्रेनों व प्लेटफॉर्म पर सुरक्षा बढ़ाना।
- रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर का आधुनिकीकरण करना।
- रेलवे को आर्थिक रूप से सशक्त करना।
खास बातें जो प्रभु ने कहीं-
- रेलवे एक राष्ट्रीय संपत्ति है और उसे बेहतर बनाना हमारा लक्ष्य है।
- रेलवे में होने वाले निवेश से नौकरियों का सृजन होगा।
- भारतीय रेल देश की रीढ़ की हड्डी है।
- रेलवे लाइनों में 20 प्रतिशत का इजाफा किया जायेगा।
- सोशल मीडिया के माध्यम से 20 हजार सुझाव आये।
- रेलवे ट्रेनों व स्टेशनों की साफ-सफाई पर ज्यादा जोर देगी।
कुछ जरूरी बातें जिनमें आपका सहयोग बहुत जरूरी है हम पढ़ेंगे स्लाइडर में-

बायो-टाॅयलेट तो बन जायेंगे लेकिन सफाई
रेलमंत्री ने बायो-टॉयलेट बनाने की बात कही है। इसका मतलब यह नहीं कि आपकी जिम्मेदारी खत्म हो गई। आम जनता ही है, जिसे शौचालय को स्वच्छ रखना होगा।

स्वच्छ भारत रेलवे में
रेलवे में साफ सफाई के लिये अलग से विभाग बनाया जायेगा, लेकिन केले का छिलका और चाय का कुल्हड़ कहां फेंकना है यह तो आप ही तय करेंगे।

महिला सुरक्षा
महिलाओं की सुरक्षा के लिये अतिरिक्त बल तैनात किया जायेगा, लेकिन यह तो संभव नहीं है कि हर डिब्बे में सिपाही तैनात हों। यह तो आम आदमी को सोचना होगा कि वो महिलाओं की इज्जत करे या उनसे अभद्रता।

पर्यटन में इजाफा
पर्यटन में तो तभी इजाफा होगा, जब प्लेटफॉर्म और ट्रेनें साफ होंगी। ट्रेनें साफ रहेंगी तो विदेशी पर्यटक भी उसमें सफर करेंगे।

सीसीटीवी कैमरे
ट्रेनों के महिला डिब्बों में सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। लेकिन इसमें कोई शक नहीं कि उपद्रवी और बदमाश किस्म के लोग कैमरे तोड़ने में जरा देर नहीं लगायेंगे। अब इसकी जिम्मेदारी तो आम आदमी की ही होगी न।

वरिष्ठ नागरिकों के लिये
रेलवे वरिष्ठ नागरिकों के लिये लोअर बर्थ देने के प्रयास करेगा, लेकिन इसके बावजूद जरूरी नहीं है कि उन्हें हर बार लोअर बर्थ मिल ही जाये। ऐसे में सह यात्रियों की जिम्मेदारी बनती है कि वो अपनी बर्थ उन्हें दे दें। अफसोस ऐसा कम ही होता है, तमाम हट्टे-कट्टे जवान अपनी बर्थ नहीं देते हैं और बूढ़ों को पूरेशानी होती है।

किसान स्पेशल
रेलवे किसान स्पेशल ट्रेन चलाने जा रहा है। ऐसे में हम सभी की जिम्मेदारी बनती है कि अपने जानने वाले किसानों को इस बारे में बतायें, अन्यथा ट्रेन एक के बाद एक स्टेशन पार करती जायेगी और किसानों को कुछ नहीं मिलेगा।

ऑटो टैक्सी
रेलवे ने ऑटो टैक्सी वालों को गाइड करने के लिये नई योजना लाने की बात कही है, लेकिन यह योजना तो तभी सफल हो पायेगी, जब ऑटो-टैक्सी वाले यात्रियों को ठगना बंद करेंगे।

साफ सफाई
रेलवे ने इस बार फिर से साफ सफाई पर ज्यादा जोर दिया है। लेकिन इसके लिये हम रेल कर्मचारियों पर निर्भर नहीं रह सकते। क्योंकि कूड़ा कहां फेंकना है, यह यात्रियों को सोचना होगा, रेलवे तो सिर्फ डस्टबिन रख सकता है।

विकलांगों के लिये सुविधा
रेलवे विकलांगों को विशेष सुविधाएं देने जा रहा है, लेकिन आम यात्रियों की जिम्मेदारी बनती है कि वो विकलांग यात्रियों के साथ सहयोग करें। ऐसा कम ही होता है। हर कोई अपने लिये सीट पाने की होड़ में रहता है।












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