INDIA ब्लॉक के नेताओं के साथ डिनर पार्टी में राहुल गांधी ने दिखाए चुनाव में धोखाधड़ी के सबूत, SIR पर चर्चा हुई
India Block Dinner Party: विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' के वरिष्ठ नेताओं ने गुरुवार शाम नई दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आवास पर रात्रिभोज के लिए बैठक की। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने 'चुनावी धांधली' के कथित आरोपों पर इंडिया ब्लॉक के नेताओं के साथ गहन चर्चा की। राहुल गांधी ने इंडिया ब्लॉक के नेताओं को सबूतों के साथ एक विस्तृत पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन दी।
इस बैठक में 25 से अधिक दलों के लगभग 50 नेता शामिल हुए। इस बैठक में बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और राहुल गांधी द्वारा लगाए गए बड़े पैमाने पर चुनावी धोखाधड़ी के आरोपों पर मुख्य रूप से बात हुई।

यह बैठक भले ही अनौपचारिक थी, लेकिन इसने विपक्षी नेताओं के लिए एक रणनीतिक मंच के रूप में काम किया। उन्होंने उन मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रियाओं और रुख को मजबूत करने का प्रयास किया, जिन्हें कई लोगों ने लोकतांत्रिक अखंडता के लिए खतरा बताया। इस दौरान राहुल गांधी, सोनिया गांधी और महबूबा मुफ्ती को भी आपस में बात करते देखा गया।
चुनावों में बड़ी धोखाधड़ी के सबूत पेश किए
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 2024 के आम चुनावों में "बड़ी आपराधिक धोखाधड़ी" के सबूत पेश किए। नेताओं को दिए गए एक पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन में, गांधी ने दावा किया कि कर्नाटक के सिर्फ एक विधानसभा क्षेत्र में 1 लाख से अधिक वोट "चुराए" गए थे, जिसके लिए उन्होंने पांच अलग-अलग तरीकों से हेरफेर का आरोप लगाया।
हरियाणा और कर्नाटक चुनाव में EC की मिलीभगत का लगाया आरोप
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने धांधली को आसान बनाने और वास्तविक मतदाता भागीदारी को दबाने के लिए सत्तारूढ़ भाजपा के साथ "मिलीभगत" की है। राहुल गांधी ने महाराष्ट्र और हरियाण विधानसभा चुनावों में अप्रत्याशित परिणामों पर अपनी आशंका व्यक्त की है। उन्होंने दावा किया कि इन राज्यों में चुनाव परिणामों ने उनके संदेह की पुष्टि की है।
लोकसभा चुनाव में 1 करोड़ वोटर्स जोड़ने का लगाया आरोप
राहुल गांधी महाराष्ट्र में लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच एक करोड़ नए मतदाताओं के जुड़ने की बात कही। राहुल गांधी ने यह भी बताया कि शाम 5 बजे के बाद मतदान प्रतिशत में असामान्य वृद्धि दर्ज की गई, जबकि उस समय मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की भीड़ नहीं थी।
बेंगलुरू सेंट्रल में 1,00,250 फर्जी वोट बनाए गए
इसके अलावा कर्नाटक के बेंगलुरु सेंट्रल लोकसभा सीट के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण दिया, आरोप के अुनसार यहां पर 1,00,250 फर्जी वोट बनाए गए थे। राहुल गांधी ने आंतरिक सर्वेक्षणों का हवाला देते हुए बताया कि कांग्रेस को कर्नाटक में 16 लोकसभा सीटें जीतने की उम्मीद थी, लेकिन पार्टी सिर्फ नौ सीटें ही जीत सकी। खासतौर पर बेंगलुरु सेंट्रल लोकसभा सीट का उदाहरण दिया जहां पर भाजपा ने 32,707 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। इस सीट पर भाजपा को 6,58,915 वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार ने 26,208 वोट प्राप्त हुए। ऐसे ही राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में भाजपा ने 1,14,046 वोटों की बड़ी बढ़त बनाई, जबकि इसी लोकसभा सीट के अन्य विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस भाजपा से आगे थी।
50 से 80 मतदाताओं के पते दर्ज थे
राहुल गांधी ने आगे बताया कि 10,452 ऐसे मतदाता भी थे जिनके पते एक ही जगह के थे, और इनमें से कुछ 'एक-कमरा' घरों में 50 से 80 मतदाताओं के पते दर्ज थे। जांच में खुलासा हुआ कि इन स्थानों पर कोई भी व्यक्ति नहीं रहता था। साथ ही, 4,132 मतदाताओं की तस्वीरें या तो लिस्ट में नहीं थीं, या इतनी छोटी थीं कि उनकी पहचान करना असंभव था। राहुल गांधी ने नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले 'फॉर्म 6' के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया।
11 अगस्त को चुनाव आयोग के खिलाफ मार्च निकालेगा इंडिया गठबंधन
गौरव गोगोई के अनुसार, राहुल गांधी की प्रस्तुति में 'चुनावी धांधली' से संबंधित पुख्ता सबूत पेश किए गए। बैठक का माहौल सकारात्मक रहा और सभी नेताओं ने इस गंभीर विषय पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया। प्रस्तुति के बाद, इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया। उन्होंने 11 अगस्त को चुनाव आयोग (ECI) तक मार्च निकालने का फैसला किया है। यह कदम चुनाव में कथित धांधली के आरोपों के खिलाफ एक संयुक्त और सशक्त विरोध प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।
जो बिहार में हो रहा है, वह देश में कहीं भी हो सकता है
बिहार में चल रहा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) एक विवाद का केंद्र बन गया है। विपक्षी नेताओं का तर्क है कि इस प्रक्रिया से बड़े पैमाने पर मताधिकार का हनन हो सकता है, विशेष रूप से हाशिए पर पड़े समुदायों और अल्पसंख्यकों का। सीपीआई के महासचिव डी राजा ने इस बैठक को "बहुत सार्थक" बताया और मतदाता पहचान, सूची में हेरफेर और चुनाव आयोग द्वारा पारदर्शिता की कमी पर चिंता व्यक्त की। राजा ने चेतावनी देते हुए कहा, "जो बिहार में हो रहा है, वह देश में कहीं भी हो सकता है।
कौन-कौन बैठक में हुआ शामिल?
इस शाम को राजनीतिक स्पेक्ट्रम के सभी प्रमुख नेताओं की उपस्थिति देखी गई। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, जयराम रमेश और कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया शामिल थे। प्रमुख क्षेत्रीय नेताओं में शरद पवार (एनसीपी-एसपी), उद्धव ठाकरे (शिवसेना-यूबीटी), अखिलेश यादव और डिंपल यादव (एसपी), तेजस्वी यादव (राजद), अभिषेक बनर्जी (टीएमसी), महबूबा मुफ्ती (पीडीपी), कमल हासन (एमएनएम), और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, और सीपीआई (एम) के एम.ए. बेबी, सहित अन्य शामिल थे। फॉरवर्ड ब्लॉक, आईयूएमएल, केरल कांग्रेस के गुटों, एमडीएमके, आरएसपी, वीसीके, पीडब्ल्यूके, आरएलपी और केएमडीके के नेता भी उपस्थित थे।












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