राहुल गांधी के सुरक्षाकर्मियों ने इंडिगो विमान में पायलट से लाइसेंस मांगा
नई दिल्ली। दिल्ली से वाराणसी इंडिगो फ्लाइट से जा रहे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के सुरक्षाकर्मियों ने उड़ान से पहले पायलट से लाइसेंस मांगा और जेट के इंधन की गुणवत्ता जांच करने को कहा। इन सारे झंझटों में फ्लाइट 45 मिनट लेट हो गई। एयरलाइंस और एविएशन ऑथोरिटीज इस पूरी घटना से हैरान है।

उड़ान से पहले वीवीआईपी राहुल की सुरक्षा
राहुल गांधी इंडिगो फ्लाइट 6E 308 से वाराणसी जाने के लिए 8.55 बजे पहुंचे। वहां उनके स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप के गार्डों ने सबसे पहले पायलट से लाइसेंस दिखाने को कहा।
पायलटों को लगा कि राहुल के सुरक्षाकर्मियों को उनके दस्तावेज जांच करने के अधिकार नहीं है। इसलिए उन्होंने सुरक्षाकर्मियों से कहा कि वह उनके लाइसेंस की जांच के लिए एयरलाइन से संपर्क करें।
इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने विमान के इंधन की गुणवत्ता जांच करने की बात कही। संयोग से सिविल एविएशन के डायरेक्टोरेट जनरल उस समय विमान की चेकिंग में थे इसलिए गुणवत्ता की जांच की मांग पूरी की गई।
विमान तभी उड़ा जब उसके इंधन के बारे में सुरक्षाकर्मी आश्वस्त हो गए कि उसमें कोई मिलावट नहीं है। इन सारे झंझटों में फ्लाइट 45 मिनट देर से वाराणसी के लिए रवाना हुई।
इंडिगो ने टिप्पणी करने से किया इनकार
एसपीजी से जुड़ा मामला होने की वजह से इंडिगो ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। इंडिगो के प्रवक्ता ने कहा कि हम इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दे सकते क्योंकि यह संवेदनशील मामला है।
एविएशन ऑथोरिटीज को हुई हैरानी
इस मामले पर एयरलाइन्स और सिविल एविएशन ऑथोरिटीज को हैरानी हुई लेकिन एसपीजी की कार्रवाई पर किसी ने कोई टिप्पणी नहीं की क्योंकि उनका कहना है कि वीआईपी की सुरक्षा के लिए प्रोटोकॉल है और बिना तर्क किए सुरक्षाकर्मियों की मांगों को पूरा करना होता है।
एक सीनियर एयरलाइन अधिकारी का कहना है कि वीआईपी जब खुद कमर्शियल फ्लाइट पकड़ते हैं तो वो इस बात का ध्यान रखते हैं कि फ्लाइट लेट न हो क्योंकि इससे यात्रियों द्वारा हूटिंग किए जाने का डर रहता है।












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