'राहुल गांधी ने नहीं, PM मोदी ने की थी कलावती बंदुरकर की मदद', शाह के दावे पर क्या बोली 'विधवा किसान' महिला

Kalawati Bandurkar Story: महाराष्ट्र के यवतमाल की एक गरीब किसान विधवा महिला कलावती बंदुरकर इन दिनों छाई हुई हैं। 09 अगस्त को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में अपने भाषण के दौरान कलावती बंदुरकर का जिक्र कर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है।

कलावती बंदुरकर के पति ने साल 2005 में महाराष्ट्र में कृषि संकट के कारण आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद 2008 में राहुल गांधी ने कलावती बंदुरकर के घर का दौरा किया था। इस बात का जिक्र अमित शाह ने लोकसभा में किया। अमित शाह ने दावा किया कि कलावती की मदद राहुल गांधी ने नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी। अब खुद कलावती ने बताया है कि उनकी मदद किसने की...?

Kalawati Bandurkar Story

आज-तक की रिपोर्ट के मुताबिक कलावती बंदुरकर ने कहा कि राहुल गांधी से मुलाकात के बाद ही उन्हें आर्थिक मदद मिली है। भाजपा से इसका कोई लेना-देना नहीं है।

अमित शाह ने कहा था- 'कलावती को घर, राशन, बिजली मोदी सरकार ने दी...'

अमित शाह ने कहा, "एक सदस्य को 13 बार राजनीति में लॉन्च किय गया, लेकिन वह 13 बार फेल हो गया। उनकी एक लॉन्चिंग सदन में भी हो चुकी है। वह एक बार बुंदेलखंड की रहने वाली गरीब कलावती के घर भोजन करने गए। इसके बाद सदन में गरीबी का वर्णन किया। इसके बाद उनकी सरकार आई, लेकिन मैं पूछता हूं कि उनकी सरकार ने उस गरीब महिला कलावती के लिए क्या किया ? घर, राशन, बिजली उन्हें नरेंद्र मोदी सरकार ने उपलब्ध कराई।"

हालांकि यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि अमित शाह ने कलावती को यहां बुंदेलखंड की रहने वाली बताया है। जबकि राहुल गांधी ने जिन कलावती के घर पर भोजन किया था, वह यवतमाल की रहने वाली हैं। यह इलाका किसानों की आत्महत्या को लेकर चर्चाओं में रहा है।

अमित शाह के दावों पर क्या बोलीं कलावती बंदुरकर?

रिपोर्ट के मुताबिक अमित शाह के दावों पर कलावती बंदुरकर ने कहा, ''उन्हें कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से मुलाकात के बाद ही मदद मिली है। कांग्रेस की उस मदद से भाजपा का कोई लेना-देना नहीं है।''

कलावती के बेटे प्रीतम बंदुरकर ने कहा, ''हम सात भाई-बहनें हैं, उस वक्त हमारी आर्थिक स्थिति बहुत खराब थी। पापा हमें छोड़कर चले गए थे। खेत में काम करके जैसे-तैसे गुजारा हो रहा था। लेकिन कांग्रेस नेता राहुल गांधी के हमारे यहां आने के बाद हमारी स्थिति बदल गई।''

कलावती के बेटे प्रीतम बंदुरकर ने कहा कि राहुल गांधी हमारे यहां किसानों से मिलने आए थे और उसी वक्त अचानक हमारे घर भी आ गए। यहां आने के बाद उन्होंने हमारी पैसों से मदद की। उन्होंने हमें 30 लाख की एफडी दी और फिर घर मंजूर हुआ, पानी और बिजली मिली। हमें उस वक्त जो भी मिला था, सब रहुल गांधी की वजह से था।

कौन हैं कलावती बंदुरकर?

कलावती बंदुरकर, महाराष्ट्र के यवतमाल के जालका गांव की रहने वाली एक महिला हैं। कलावती बंदुरकर के पति किसान थे। उन्होंने कर्ज से परेशान होकर 23 दिसंबर 2005 को में आत्महत्या कर ली थी। राहुल गांधी ने 2008 में उनसे मुलाकात की थी। साल 2010 में कलावती के दमाद ने संजय कालस्कर (25) ने भी दिसंबर 2010 में आत्महत्या कर ली थी। वहीं 2011 में कलावती की दूसरी बेटी सविता खमनकर (27) ने आग लगाकर आत्महत्या कर ली थी।

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